पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बीच मुर्शिदाबाद जिले से तनाव और हंगामे की खबर सामने आई है। मतदान के दौरान यहां अलग-अलग राजनीतिक समर्थकों के बीच टकराव हुआ, जिससे कुछ समय के लिए माहौल काफी गरम हो गया।
क्या हुआ मौके पर
जानकारी के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस TMC से अलग हो चुके हुमायूं कबीर और पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच नौदा इलाके में बहस शुरू हुई। यह बहस धीरे-धीरे बढ़कर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन में बदल गई।मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, हुमायूं कबीर के खिलाफ “चोर-चोर” जैसे नारे लगाए गए। स्थिति तब और बिगड़ गई जब दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए। कुछ जगहों पर सुरक्षाकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की की बात सामने आई है। हालांकि, समय रहते सुरक्षा बलों ने हस्तक्षेप किया और बड़ी झड़प होने से रोक लिया।
देसी बम फेंके जाने की खबर
इसी दौरान इलाके से देसी बम फेंके जाने की भी खबर सामने आई। बताया जा रहा है कि इस घटना में कुछ लोग घायल हुए हैं, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पूरी पुष्टि नहीं हुई है। बम फेंके जाने की खबर के बाद इलाके में डर और अफरातफरी का माहौल बन गया।
आरोप-प्रत्यारोप तेज
हुमायूं कबीर, जो इस बार अपनी नई पार्टी से चुनाव लड़ रहे हैं, ने आरोप लगाया कि TMC के लोग जानबूझकर माहौल खराब कर रहे हैं और उन्हें काम करने से रोक रहे हैं।
वहीं, टीएमसी कार्यकर्ताओं ने भी उनका विरोध किया और कुछ ने उन्हें दूसरे दल का समर्थक बताते हुए सवाल उठाए। कबीर अलग-अलग मतदान केंद्रों का दौरा कर रहे थे, जहां उन्हें कई जगह विरोध का सामना करना पड़ा।
पहले क्यों अलग हुए थे कबीर
हुमायूं कबीर पहले TMC के नेता रह चुके हैं, लेकिन दिसंबर 2025 में पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया था। यह कार्रवाई उनके एक विवादित बयान के बाद हुई थी, जिसमें उन्होंने एक धार्मिक मुद्दे को लेकर बयान दिया था। पार्टी ने इसे अनुशासन के खिलाफ माना था।
निलंबन के बाद कबीर ने अपनी अलग पार्टी बना ली और अब उसी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
मुर्शिदाबाद को पहले से ही संवेदनशील इलाका माना जाता है, इसलिए यहां मतदान के दौरान भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। घटना के बाद अतिरिक्त सुरक्षाबलों को भी भेजा गया है ताकि हालात पूरी तरह नियंत्रण में रहें।
सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
