भारत के उत्तरी हिस्सों में मौसम इस समय बेहद अस्थिर और दो अलग-अलग रूपों में दिखाई दे रहा है। एक तरफ दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में प्री-मानसून की हलचल तेज़ हो चुकी है आंधी, तेज़ हवाओं और अचानक होने वाली बारिश ने लोगों को झुलसा देने वाली गर्मी से राहत दिलाई है। सड़कों पर धूल भरी आंधी के साथ मौसम में अचानक आई ठंडक ने राजधानी की रफ्तार में एक हल्का ब्रेक लगाया, लेकिन राहत भी दी।इसके बिल्कुल विपरीत, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान के कई जिलों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। यहाँ सूरज का तापमान 44–46 डिग्री तक जा पहुँचा है, लू की लहर इतनी तेज़ है कि दोपहर के वक्त बाज़ार तक खाली नज़र आने लगे हैं। अस्पतालों में गर्मी से प्रभावित मरीज बढ़ रहे हैं और स्कूलों में समय बदलने जैसी व्यवस्थाएँ लागू की जा रही हैं।इस पूरे मौसमीय उथल-पुथल के बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले दिनों में देश का मौसम और भी बदल सकता है। तेज़ हवाओं, गरज-चमक, लू और अचानक बारिश के लिए कई राज्यों को सतर्क रहने की जरूरत है। मानसून भले ही आने वाला हो, लेकिन उसके पहले की यह गतिविधियाँ यानी प्री-मानसून तूफान और गर्म लू देश के अलग-अलग हिस्सों में अनिश्चितता और सतर्कता का माहौल बनाए हुए हैं।


दिल्ली में रविवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। तेज़ आंधी और धूलभरी हवाओं के साथ कई इलाकों में हल्की बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई। IMD के मुताबिक, हवाओं की गति 40–50 किमी प्रति घंटा तक दर्ज की गई, जिसने राजधानी की तपिश को कुछ घंटों के लिए कम किया। प्री-मानसून की यह गतिविधि अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है।


दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश में स्थिति अब भी गंभीर है। प्रयागराज, कानपुर, आगरा, लखनऊ और बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलों में गर्मी अपने चरम पर है। तापमान 45 डिग्री के ऊपर बना हुआ है और लू की वजह से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। कई जिलों में प्रशासन ने दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह जारी की है।IMD ने कई राज्यों के लिए अलग-अलग पैटर्न के अलर्ट जारी किए हैं। दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब और उतराखंड के लिए आंधी और तेज़ हवाओं का येलो अलर्ट, जबकि उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार के कई जिलों के लिए हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट लागू है। मौसम विभाग का कहना है कि तापमान में यह उतार-चढ़ाव प्री-मानसून की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।


मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून के 26 मई के आसपास केरल पहुँचने की संभावना है। उसके बाद यह धीरे-धीरे देश के बाकी हिस्सों में बढ़ेगा। लेकिन तब तक उत्तर भारत को गर्मी और अचानक होने वाले मौसम परिवर्तन दोनों के लिए तैयार रहना होगा।