झारखंड के ग्रामीण इलाकों में फेरीवालों से मिलने वाले स्ट्रीट फूड को लेकर लंबे समय से स्वच्छता पर सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच गिरिडीह से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहाँ कथित तौर पर दूषित गोलगप्पे और छोले खाने के बाद कई बच्चे गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। स्थानीय प्रशासन ने इसे फूड पॉयजनिंग का बड़ा मामला बताते हुए जांच शुरू कर दी है।
क्या हुआ था?
घटना गिरिडीह जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बजटों गांव की है। जानकारी के मुताबिक, शनिवार शाम एक फेरीवाला गांव में गोलगप्पे और छोले बेचने आया था। बच्चों और महिलाओं ने जब यह खाद्य सामग्री खाई, तो कुछ ही घंटों बाद उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायतें शुरू हो गईं।देखते-देखते बीमार बच्चों की संख्या बढ़ती गई और परिजनों ने उन्हें नज़दीकी अस्पताल पहुंचाया।
एक बच्चे की मौत, 18 अभी भी अस्पताल में
डॉक्टरों के मुताबिक, सभी मरीज फूड पॉयजनिंग के शिकार दिख रहे हैं। इलाज के दौरान एक 6 वर्षीय बच्चे की हालत गंभीर हो गई और उसकी मौत हो गई। बाकी 18 बच्चे अब भी अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है।
जांच और कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग ने गांव में मेडिकल टीम भेजी है और लोगों की हालत पर नजर रखी जा रही है।
प्रशासन ने संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे हैं।फेरीवाले की भी तलाश जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि खाद्य सामग्री कैसे तैयार की गई थी और क्या वह कहीं और भी बेचता था।
