बिहार के गोपालगंज जिले में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब गुरुग्राम से दरभंगा जा रही एक यात्री बस में अचानक आग लग गई। यह घटना एनएच-27 पर बरौली थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव के पास हुई। बस में आग लगते ही यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियां तोड़कर बाहर कूदने लगे।
जानकारी के अनुसार, “शिव महिमा” नाम की यह बस गुरुग्राम से दरभंगा जा रही थी और उसमें 60 से ज्यादा यात्री सवार थे। यात्रियों का कहना है कि बस में तय क्षमता से अधिक लोगों को बैठाया गया था, जिससे पहले से ही अंदर भीड़ और घुटन का माहौल था। सफर के दौरान बस कहीं नहीं रुकी थी, जिससे यात्रियों को आराम का भी मौका नहीं मिला।
यात्रियों ने बताया कि अचानक बस के पिछले हिस्से, खासकर पहिए के पास से धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते धुआं बढ़ा और फिर आग लग गई। बस के अंदर तेजी से धुआं भरने लगा, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। हालात बिगड़ते देख यात्रियों ने हिम्मत दिखाई और खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकलना शुरू किया।
इस दौरान कई यात्री घबराहट में सीधे सड़क पर कूद गए, जिससे उन्हें चोटें आईं। इस घटना में एक महिला सहित तीन लोग घायल हो गए और कुछ यात्री बेहोश भी हो गए थे। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत बाहर निकाला गया और उनका प्राथमिक इलाज पास के इलाके में कराया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई।
घटना के बाद एनएच-27 पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। सड़क पर अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया और गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। आसपास के स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए आगे आकर आग बुझाने की कोशिश शुरू की। उनकी सतर्कता और तेज कार्रवाई के कारण आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। अगर आग पर जल्दी काबू नहीं पाया जाता, तो यह हादसा और भी बड़ा हो सकता था।
हादसे के बाद यात्रियों में काफी नाराजगी देखी गई। उन्होंने बस संचालकों पर लापरवाही का आरोप लगाया। यात्रियों का कहना है कि टूरिस्ट बसों के नाम पर लंबी दूरी की यात्रा कराई जा रही है, जिसमें नियमों का पालन नहीं किया जाता। बसों में ज्यादा यात्रियों को बैठाया जाता है और सुरक्षा के इंतजाम भी ठीक नहीं होते।
यात्रियों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि ऐसी बसों की सख्त जांच की जाए और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं फिर से हो सकती
हैं।
