देशभर में मुंह के कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, और आमतौर पर इसे तंबाकू और शराब के सेवन से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना तंबाकू और शराब के सेवन के भी मुंह का कैंसर हो सकता है? यह सच जानकर कई लोग हैरान रह जाते हैं।


विशेषज्ञों के अनुसार, मुंह का कैंसर सिर्फ तंबाकू या शराब पीने वालों तक सीमित नहीं है। कई ऐसे कारण हैं, जो इस गंभीर बीमारी का जोखिम बढ़ा सकते हैं।


डॉक्टरों का कहना है कि ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण मुंह और गले के कैंसर का एक बड़ा कारण बनता जा रहा है। इसके अलावा, मुंह की खराब साफ-सफाई, लंबे समय तक रहने वाले छाले, दांतों की खराब स्थिति और इम्यून सिस्टम की कमजोरी भी इस बीमारी को जन्म दे सकती है।


इसके साथ ही, ज्यादा मसालेदार और बहुत गर्म खाना खाने की आदत, पोषण की कमी (खासतौर पर विटामिन A, C और E की कमी) और लंबे समय तक धूप में रहने से भी खतरा बढ़ सकता है।


चिकित्सकों के मुताबिक, मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षणों में मुंह में सफेद या लाल धब्बे, बार-बार छाले होना, निगलने में परेशानी, आवाज में बदलाव और मुंह से खून आना शामिल हो सकते हैं। यदि ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।


विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि नियमित रूप से डेंटल चेकअप कराना, मुंह की साफ-सफाई का ध्यान रखना और संतुलित आहार लेना इस बीमारी से बचाव में मददगार साबित हो सकता है।


कैंसर सिर्फ तंबाकू और शराब पीने वालों को ही नहीं, बल्कि किसी को भी हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि हम इसके प्रति जागरूक रहें और समय रहते लक्षणों को पहचानकर इलाज कराएं।