पश्चिम बंगाल में मतगणना शुरू होते ही जिस नतीजे का सभी को इंतज़ार था, वह अब धीरे-धीरे एक चौंकाने वाले राजनीतिक मोड़ की ओर जाता दिखाई दे रहा है।राज्य में पिछले 15 वर्षों से सत्ता पर काबिज़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस बार शुरुआती रुझानों में काफी पीछे दिखाई दे रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भारी बढ़त बनाकर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है।डेटानेट के मुताबिक TMC 92 सीटों पर आगे है, जबकि BJP 196 सीटों पर बढ़त में है यानी मतगणना के शुरुआती घंटे ही बंगाल की राजनीति के बड़े समीकरण बदलते दिख रहे हैं।
294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 148 सीटों की जरूरत होती है और BJP के रुझान इस आंकड़े को काफी पीछे छोड़ते दिख रहे हैं।
यदि ये रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह बंगाल की राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ होगा क्योंकि 2011 से आज तक राज्य की राजनीतिक धुरी ममता बनर्जी के इर्द-गिर्द घूमती रही है
इस बार चुनाव इतने अलग क्यों साबित हुए?
पश्चिम बंगाल का चुनाव इस बार कई वजहों से साधारण नहीं था।बीते 50 वर्षों में यहां ज्यादातर चुनाव एकतरफ़ा रहे चाहे कांग्रेस, लेफ्ट या TMC, जिसने भी जीता, उसे भारी बहुमत मिला। लेकिन इस बार परिस्थितियां अलग थीं।लगभग सभी एग्ज़िट पोल में TMC और BJP के बीच बेहद कड़ा मुकाबला बताया गया था।वोट शेयर का अंतर कम रहने की भविष्यवाणी की गई थी।और अगर किसी एक दल को बहुमत मिलता भी है, तो जीत का अंतर बहुत बड़ा नहीं होने की बात कही गई थी।लेकिन मतगणना के आंकड़े इस अनुमान से बिल्कुल उलट दिशा में जा रहे हैं।
रिकॉर्ड मतदान एक नया संकेत?
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में (23 और 29 अप्रैल) मतदान हुआ था, और इस बार कुल मतदान 92.47% रहा जो आज़ादी के बाद से बंगाल में किसी भी चुनाव का सबसे ऊंचा आंकड़ा है।
2011 का 84.72% का रिकॉर्ड टूट चुका है।विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी ऊँची वोटिंग के पीछे कुछ बड़े कारण हो सकते हैं।मतदाता सूची में 90 लाख से ज़्यादा नाम हटाए जाने के बाद बनी छोटी लिस्ट विशेष गहन संशोधन’ (SIR) के दौरान हुई कई तार्किक त्रुटियाँ वैध मतदाताओं में यह डर कि भविष्य में उनका नाम न हट जाए इसलिए वोट करना ज़रूरी लगा
बड़ी संख्या में प्रवासी मज़दूर मतदान के लिए वापस लौटे कुल मिलाकर, वोटिंग के इस रिकार्ड ने चुनाव के नतीजों के मायने और भी पेचीदा बना दिए हैं।
अन्य राज्यों की तस्वीर
सिर्फ बंगाल ही नहीं, बाकी राज्यों में भी शुरुआती रुझानों ने कई दिलचस्प मोड़ दिए असम मे BJP फिर से सत्ता वापसी की ओर BJP 97 सीटों पर, कांग्रेस 27 पर आगे मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की वापसी लगभग तय दिखाई दे रही है।
तमिलनाडु सभी को चौंकाते हुए अभिनेता विजय की TVK 110 सीटों पर आगे है वही DMK केवल 60 सीटों पर बढ़त में और AIADMK 64 सीटों पर।
केरल UDF 99 सीटों पर और सत्तारूढ़ LDF 39 पर।
पुडुचेरी NDA 16 सीट और कांग्रेस 11 सीटों पर आगे।
बंगाल में आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति भी तेज़
मतगणना के दौरान भी राजनीतिक तापमान कम नहीं हुआ।TMC ने आरोप लगाया कि उसके एजेंटों को काउंटिंग सेंटर्स में प्रवेश से रोका जा रहा है।ममता बनर्जी ने दावा किया कि कई इलाकों में जानबूझकर लाइट कट करके CCTV निगरानी में बाधा डाली जा रही है।इसके जवाब में BJP नेता समिक भट्टाचार्य ने कहा कि “दीदी थक गई हैं, उन्हें आराम करना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि यह नतीजे साफ कर देंगे कि जनता ने ममता बनर्जी को नकार दिया है।
फाल्टा सीट पर रिपोलिंग ने मुकाबले को और रोचक बनाया
राज्य की 294 में से 293 सीटों के नतीजे आज आएंगे।फाल्टा सीट पर चुनाव आयोग ने दोबारा मतदान का आदेश दिया है।21 मई को मतदान और 24 मई को परिणाम इसी तरह मगराहट पश्चिम और डायमंड हार्बर की दो सीटों के कुछ बूथों पर 2 मई को रिपोलिंग हुई थी।
अंत में सवाल वही: क्या बंगाल की सत्ता बदलने वाली है?
रुझान तेजी से बदलते राजनीतिक मौसम की ओर इशारा कर रहे हैं।
ममता बनर्जी के 15 साल लंबे शासन का अंत क्या यह सच में करीब आ चुका है?या फिर अंतिम क्षणों में तस्वीर बदल जाएगी?इसका जवाब अगले कुछ घंटों में साफ हो जाएगा।
