भागलपुर में गंगा नदी पर बना विक्रमशिला सेतु क्षेत्र का एक बहुत महत्वपूर्ण पुल है, जिससे रोज़ाना हजारों वाहन गुजरते हैं। यह पुल भागलपुर को आसपास के कई जिलों और उत्तर बिहार से जोड़ता है। इसी कारण यह सिर्फ एक ढांचा नहीं बल्कि क्षेत्र की जीवनरेखा जैसा माना जाता है।
रविवार की रात करीब 1:10 बजे अचानक पुल पर एक बड़ा तकनीकी या संरचनात्मक फेलियर देखने को मिला। जानकारी के अनुसार, पुल का एक पिलर अचानक कमजोर होकर ढह गया। पिलर के गिरते ही उस पर रखा हुआ कंक्रीट का स्लैब भी टूट गया और सीधे गंगा नदी में जा गिरा।
घटना इतनी अचानक हुई कि वहां कुछ समय के लिए हड़कंप और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुल से गुजरने वाले लोग और आसपास मौजूद लोग इस घटना से घबरा गए। हालांकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर नहीं गई क्योंकि पहले से ही प्रशासन ने सतर्कता दिखाते हुए पुल पर आवाजाही रोक दी थी।
यह फैसला बहुत महत्वपूर्ण साबित हुआ, क्योंकि अगर उस समय भी वाहनों की आवाजाही जारी रहती तो कोई बड़ा सड़क हादसा हो सकता था। कई वाहन सीधे गिरते हुए स्लैब की चपेट में आ सकते थे, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था।
स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित किया। पुल पर यातायात को पूरी तरह बंद कर दिया गया और लोगों को दूर रहने की सलाह दी गई। शुरुआती जांच में यह माना जा रहा है कि यह घटना संरचनात्मक कमजोरी, पुराने ढांचे पर दबाव, या तकनीकी खराबी के कारण हो सकती है, लेकिन असली वजह का पता विस्तृत जांच के बाद ही चलेगा।
फिलहाल इंजीनियरों और तकनीकी टीमों को बुलाकर पुल की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या पुल के अन्य हिस्से सुरक्षित हैं या उन्हें भी खतरा है।
इस घटना के बाद इलाके में चिंता का माहौल है, क्योंकि यह पुल बहुत अहम है और इसके टूटने या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने से यातायात और स्थानीय लोगों की आवाजाही पर बड़ा असर पड़ सकता है।
