लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा चुनाव—प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वाराणसी दौरा हमेशा सिर्फ धार्मिक या विकास कार्यक्रम भर नहीं माना जाता, बल्कि उसके राजनीतिक मायने भी गहरे होते हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी 28 और 29 अप्रैल को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी (काशी) के दो दिवसीय दौरे पर पहुंच रहे हैं, जहां एक तरफ विकास परियोजनाओं की सौगात दी जाएगी, महिलाओं के साथ बड़ा संवाद कार्यक्रम होगा और काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन किए जाएंगे, तो दूसरी तरफ इस पूरे दौरे को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से भी जोड़कर देखा जा रहा है। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब बंगाल में चुनावी मुकाबला बेहद तीखा हो चुका है और भाजपा अपनी पूरी ताकत झोंक रही है।


पहले दिन महिलाओं पर फोकस

प्रधानमंत्री मोदी 28 अप्रैल की शाम वाराणसी पहुंचेंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक वह शाम करीब 4 बजे के बाद शहर पहुंचेंगे। इसके बाद उनका सबसे बड़ा कार्यक्रम बरेका ग्राउंड में आयोजित होगा, जहां करीब 40 हजार महिलाओं के साथ संवाद कार्यक्रम रखा गया है! राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ संवाद कार्यक्रम नहीं है, बल्कि महिला वोट बैंक को साधने की बड़ी रणनीति भी है। पिछले कुछ चुनावों में भाजपा ने महिलाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए उज्ज्वला योजना, महिला सुरक्षा, आवास योजना और आर्थिक योजनाओं को बड़ा मुद्दा बनाया है। ऐसे में इतने बड़े महिला सम्मेलन को उसी रणनीति का विस्तार माना जा रहा है।


6350 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात

प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान करीब 6350 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी कर सकते हैं। इन परियोजनाओं में सड़क, शहरी विकास, बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े काम शामिल बताए जा रहे हैं। वाराणसी को पिछले कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट शहर के तौर पर देखा गया है और लगातार यहां इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स लॉन्च होते रहे हैं।


दूसरे दिन काशी का लंबा रोड शो

29 अप्रैल की सुबह प्रधानमंत्री मोदी का सबसे चर्चित कार्यक्रम होगा—भव्य रोड शो। यह रोड शो बीएलडब्ल्यू से शुरू होगा और लहरतारा, पुलिस लाइन, चौकाघाट, लहुराबीर, मैदागिन होते हुए काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंचेगा। करीब 14 किलोमीटर लंबे इस रोड शो को काशी के सबसे बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। रास्ते में पांच बड़े स्वागत प्वाइंट बनाए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग प्रधानमंत्री का स्वागत करेंगे। खास बात यह है कि इनमें महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी तय की गई है।


बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी

रोड शो के बाद प्रधानमंत्री मोदी काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचेंगे, जहां वह पूजा-अर्चना करेंगे। धार्मिक रूप से यह कार्यक्रम बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर भाजपा की बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है। ऐसे में यह दौरा धार्मिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक तीनों संदेश देने की कोशिश माना जा रहा है।


बंगाल चुनाव से क्या है कनेक्शन?

प्रधानमंत्री का यह दौरा सिर्फ वाराणसी तक सीमित नहीं माना जा रहा। 29 अप्रैल को ही पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग होनी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वाराणसी से निकलने वाली तस्वीरें, रोड शो की भीड़ और महिला सम्मेलन के संदेश का असर बंगाल के मतदाताओं तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। भाजपा लगातार बंगाल में हिंदुत्व, विकास और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है।


काशी क्यों बनती है राजनीतिक संदेश का केंद्र?

वाराणसी सिर्फ प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र नहीं है, बल्कि भाजपा की वैचारिक राजनीति का भी बड़ा प्रतीक बन चुका है। जब भी पीएम मोदी यहां आते हैं, उसका संदेश राष्ट्रीय राजनीति तक जाता है। इस बार भी काशी की गलियों से निकलने वाला यह रोड शो सिर्फ स्थानीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि बंगाल चुनाव से पहले भाजपा की शक्ति प्रदर्शन रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

दो दिन का यह दौरा साफ संकेत दे रहा है कि काशी अब सिर्फ आस्था की नगरी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मंच भी बन चुकी है।