कैसे हुई मदर्स डे की शुरुआत?
मां का रिश्ता दुनिया के सबसे गहरे और निस्वार्थ रिश्तों में माना जाता है। शायद यही वजह है कि पूरी दुनिया में मदर्स डे को बेहद खास दिन की तरह मनाया जाता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसकी शुरुआत किसी बड़ी कंपनी या सरकार ने नहीं, बल्कि एक बेटी ने अपनी मां की याद में की थी। Anna Jarvis नाम की महिला ने अमेरिका के West Virginia में अपनी मां Ann Reeves Jarvis को सम्मान देने के लिए इस दिन की शुरुआत की थी। उनकी मां समाज सेवा से जुड़ी थीं और लोगों की मदद किया करती थीं। मां के निधन के बाद एना ने महसूस किया कि दुनिया में एक ऐसा दिन होना चाहिए, जब लोग अपनी मां के प्यार और त्याग को याद करें।
पहली बार कब मनाया गया था मदर्स डे?
बताया जाता है कि पहली बार 10 मई 1908 को मदर्स डे मनाया गया था। एना जार्विस ने अपनी मां की याद में चर्च में एक खास कार्यक्रम आयोजित किया और वहां सफेद कार्नेशन फूल बांटे, जो उनकी मां का पसंदीदा फूल माना जाता था। धीरे-धीरे यह दिन लोगों के बीच लोकप्रिय होने लगा। एना ने इस दिन को आधिकारिक मान्यता दिलाने के लिए नेताओं, अखबारों और प्रभावशाली लोगों को चिट्ठियां लिखीं। आखिरकार साल 1914 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति Woodrow Wilson ने मई के दूसरे रविवार को आधिकारिक रूप से मदर्स डे घोषित कर दिया। इसके बाद यह दिन दुनिया के कई देशों में मनाया जाने लगा।
जिसने शुरुआत की, वही बाद में विरोध में क्यों उतर आई?
मदर्स डे की कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा यह है कि इसकी शुरुआत करने वाली एना जार्विस बाद में खुद इसके खिलाफ हो गईं। दरअसल, एना चाहती थीं कि यह दिन सिर्फ मां के प्यार और सम्मान के लिए हो, लेकिन समय के साथ कंपनियों ने इसे बिजनेस का हिस्सा बना दिया। ग्रीटिंग कार्ड, फूल और महंगे गिफ्ट बेचने वाली कंपनियों ने मदर्स डे को बड़े बाजार में बदल दिया। यह देखकर एना काफी दुखी हो गईं। उन्होंने कई जगह विरोध प्रदर्शन भी किए और लोगों से कहा कि मदर्स डे को सिर्फ दिखावे और खर्च तक सीमित नहीं करना चाहिए। यहां तक कहा जाता है कि उन्होंने इस दिन को खत्म करने की मुहिम भी शुरू कर दी थी।
आज भी क्यों खास माना जाता है मदर्स डे?
समय बदलने के साथ मदर्स डे का तरीका जरूर बदल गया, लेकिन इसकी भावना आज भी वैसी ही बनी हुई है। भारत समेत दुनिया के कई देशों में लोग मई के दूसरे रविवार को अपनी मां के लिए यह दिन मनाते हैं। कोई मां को गिफ्ट देता है, कोई उनके साथ समय बिताता है, तो कोई सिर्फ “थैंक यू” कहकर उन्हें खास महसूस कराता है। असल में मदर्स डे सिर्फ एक सेलिब्रेशन नहीं, बल्कि मां के त्याग, मेहनत और बिना शर्त प्यार को महसूस करने का दिन है। मां हर परिस्थिति में अपने बच्चों का साथ देती है और शायद यही वजह है कि यह दिन आज भी लोगों के दिल के बेहद करीब माना जाता है।
