नई दिल्ली:
देश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। तेज धूप और भीषण गर्मी के कारण लोग डिहाइड्रेशन, थकान और पेट से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे मौसम में पारंपरिक देसी पेय एक बार फिर लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। इन्हीं में से एक है सत्तू छाछ, जिसे गर्मियों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है।
सत्तू और छाछ का यह मिश्रण न सिर्फ शरीर को तुरंत ठंडक देता है, बल्कि लंबे समय तक ऊर्जा भी बनाए रखता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सत्तू में प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जबकि छाछ पाचन को बेहतर बनाने में मदद करती है। दोनों का मेल गर्मी में शरीर के लिए एक नेचुरल कूलिंग ड्रिंक की तरह काम करता है।
डॉक्टरों के अनुसार, गर्मियों में शरीर से तेजी से पानी और मिनरल्स निकलते हैं, जिससे कमजोरी और थकान महसूस होने लगती है। सत्तू छाछ शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के साथ-साथ इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में भी मदद करती है।
इस ड्रिंक की खास बात यह है कि इसे घर में बहुत आसानी से बनाया जा सकता है। ठंडी छाछ में सत्तू मिलाकर उसमें थोड़ा काला नमक, भुना जीरा और पुदीना डालने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। कई लोग इसमें हरी मिर्च और धनिया भी मिलाते हैं, जिससे इसका देसी फ्लेवर और खास हो जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सत्तू छाछ पेट को ठंडा रखने में मदद करती है और एसिडिटी, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं से भी राहत दे सकती है। यही वजह है कि बिहार, उत्तर प्रदेश और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में लोग इसे पारंपरिक तौर पर गर्मियों में नियमित रूप से पीते हैं।
फिटनेस एक्सपर्ट्स भी इसे एक हेल्दी ड्रिंक मानते हैं, क्योंकि इसमें कैलोरी कम और पोषण ज्यादा होता है। यह लंबे समय तक पेट भरा महसूस कराता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। वजन नियंत्रित रखने वाले लोग भी इसे अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं।
गर्मी के मौसम में बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेज्ड जूस की बजाय अब लोग नेचुरल और घरेलू पेय की ओर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। ऐसे में सत्तू छाछ की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।
कुल मिलाकर, अगर आप 40 डिग्री की भीषण गर्मी में शरीर को ठंडा, पेट को हल्का और खुद को ऊर्जावान रखना चाहते हैं, तो सत्तू छाछ एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। स्वाद और सेहत का यह देसी मेल गर्मियों में राहत देने का काम कर रहा है।
