कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण के प्रचार के समापन से ठीक पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बेहला में विशाल रोड शो कर बड़ा चुनावी दांव चल दिया। रोड शो के दौरान शाह ने ऐलान किया कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की कंपनियां अगले 60 दिनों तक पश्चिम बंगाल में तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी संभावित हिंसा को रोका जा सके। कानून-व्यवस्था और चुनाव बाद सुरक्षा को लेकर शाह के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है।

29 अप्रैल को मतदान वाले बेहला में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए शाह ने मतदाताओं से निर्भय होकर मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा, भाइयों और बहनों, 29 तारीख को निडर होकर वोट डालिए। दीदी के गुंडों से डरने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग ने हर कोने में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।” शाह ने आगे कहा कि अक्सर चुनाव के बाद हिंसा की खबरें सामने आती रही हैं, लेकिन इस बार पहले से तैयारी की गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नतीजे आने के बाद भी केंद्रीय बल 60 दिन तक राज्य में रहेंगे ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


93% वोटिंग ने बढ़ाई टीएमसी की चिंता: शाह

23 अप्रैल को पहले चरण की 152 सीटों पर हुई 93 प्रतिशत मतदान का जिक्र करते हुए अमित शाह ने दावा किया कि इस भारी वोटिंग ने तृणमूल कांग्रेस की बेचैनी बढ़ा दी है। शाह ने कहा कि जनता बदलाव के पक्ष में मतदान कर चुकी है और 4 मई को ‘ममता राज’ के अंत का रास्ता साफ हो जाएगा। उन्होंने बेहला की सड़कों पर उमड़ी भीड़ को परिवर्तन की लहर का संकेत बताते हुए कहा कि बंगाल इस बार राजनीतिक बदलाव के मूड में है।


60 दिनों के ‘सुरक्षा कवच’ का क्या संदेश?

अमित शाह का यह ऐलान 2021 के चुनाव बाद हुई हिंसा की पृष्ठभूमि में बेहद अहम माना जा रहा है। भाजपा लगातार आरोप लगाती रही है कि पिछले चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक हिंसा हुई थी। इसी संदर्भ में इस बार केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सुरक्षा बलों की लंबी तैनाती का संकेत बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। शाह ने स्पष्ट किया कि 29 अप्रैल को दूसरे चरण की 142 सीटों पर मतदान और 4 मई को परिणाम के बाद भी शांति बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।


बेहला में ‘परिवर्तन’ के नारों से गूंजा माहौल

अमित शाह का रोड शो बेहला के प्रमुख मार्गों से गुजरा, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने फूलों की बारिश कर उनका स्वागत किया। ‘जय श्रीराम’ और ‘आर नोय अनय’ (अब और अन्याय नहीं) के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। भाजपा ने बेहला की सीटों पर इस बार पूरी ताकत झोंक दी है और शाह के इस रोड शो को चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

शाह के ‘60 दिनों वाले वादे’ ने खासकर उन मतदाताओं के बीच भरोसे का संदेश दिया है जो हिंसा की आशंका को लेकर चिंतित रहे हैं। अब निगाहें 29 अप्रैल के मतदान पर टिकी हैं कि बेहला की जनता इस ‘सुरक्षा कवच’ पर कितना भरोसा जताती है।