पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने इस बार राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव कर दिया है। चुनाव परिणाम सामने आते ही कई नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी आने लगीं। शरद पवार गुट की नेता सुप्रिया सुले ने इन नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी की सराहना की। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी एक जिम्मेदार नेता हैं और उन्हें भरोसा है कि वह इस हार को चुनौती के रूप में लेकर आगे बढ़ेंगी। सुले ने यह भी जोड़ा कि राजनीति में हार-जीत सामान्य बात है जैसे एक फिल्म के फ्लॉप होने पर अभिनेता काम करना नहीं छोड़ता, वैसे ही नेता भी आगे बढ़ते रहते हैं।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में दो चरणों 23 और 29 अप्रैल में मतदान हुआ था, जिसके नतीजे 4 मई को घोषित किए गए। इस बार चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए पहली बार राज्य की सत्ता पर कब्जा किया। पार्टी को 293 में से 207 सीटें मिलीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस को केवल 80 सीटों पर संतोष करना पड़ा।
अन्य दलों की बात करें तो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 2 सीटें मिलीं, जबकि आम जनता उन्नयन पार्टी, सीपीआई(एम) और ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट को भी सीमित सफलता ही मिली। वोट शेयर के लिहाज से बीजेपी को 45.84% और टीएमसी को 40.80% वोट मिले, जबकि कांग्रेस 2.97% पर सिमट गई।
सबसे बड़ा झटका ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट पर लगा, जहां उन्हें बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने 15 हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया। अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी 58,812 वोटों तक ही पहुंच सकीं। वहीं नंदीग्राम सीट पर भी शुभेंदु अधिकारी ने जीत दर्ज की, जहां उन्होंने टीएमसी उम्मीदवार को करीब 9,665 वोटों से मात दी।
खास बात यह रही कि शुभेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में दो सीटों नंदीग्राम और भवानीपुर से जीत हासिल की, जिससे उनकी राजनीतिक स्थिति और मजबूत हुई। कुल मिलाकर, बंगाल चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत कर दी है।
