गर्मी का मौसम जैसे-जैसे तेज होता है, वैसे-वैसे लू (Heat Stroke) का खतरा भी बढ़ने लगता है। कई लोग इसे साधारण गर्मी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन सच यह है कि लू लगना एक गंभीर स्थिति हो सकती है, जो समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा भी साबित हो सकती है। राहत की बात यह है कि शरीर लू लगने से पहले ही कुछ चेतावनी संकेत देने लगता है जरूरत है उन्हें समय रहते पहचानने की।

सबसे पहले शरीर में अत्यधिक प्यास और डिहाइड्रेशन महसूस होता है। बार-बार पानी पीने के बावजूद गला सूखा रहना इस बात का संकेत है कि शरीर में पानी की कमी हो रही है। इसके साथ ही चक्कर आना, सिर दर्द और कमजोरी भी महसूस हो सकती है। कई बार व्यक्ति को अचानक थकान लगती है और काम करने की क्षमता कम हो जाती है।


लू लगने से पहले एक और अहम संकेत है शरीर का तापमान बढ़ना। त्वचा गर्म और सूखी हो सकती है, जबकि पसीना आना कम हो जाता है। कुछ लोगों को मतली (nausea) और उल्टी की शिकायत भी हो सकती है। वहीं, दिल की धड़कन तेज होना और सांस लेने में परेशानी भी गंभीर संकेत हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।


अगर स्थिति और बिगड़ती है, तो व्यक्ति भ्रम (confusion), बोलने में दिक्कत, या बेहोशी तक महसूस कर सकता है। यह स्थिति मेडिकल इमरजेंसी का संकेत होती है और तुरंत इलाज की जरूरत होती है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों में लू का खतरा ज्यादा होता है। ऐसे में दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक धूप में निकलने से बचना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, हल्के और ढीले कपड़े पहनना, और शरीर को ठंडा रखना बेहद जरूरी है।


अगर किसी व्यक्ति में लू के लक्षण दिखें, तो तुरंत उसे ठंडी जगह पर ले जाएं, पानी या ORS दें और शरीर को ठंडा करने की कोशिश करें। गंभीर स्थिति में बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।