किसी भी रिश्ते में प्यार, भरोसा और बात करने का तरीका तीन सबसे महत्वपूर्ण चीजें होती हैं। लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि गुस्से या बहस के दौरान हम ऐसे शब्द बोल देते हैं जो हम असल में कहना ही नहीं चाहते। पल भर की नाराज़गी में निकली बातें रिश्ते पर हमेशा के लिए निशान छोड़ सकती हैं।रिश्ते तोड़ना आसान है, लेकिन उन्हें संभालना समझ और सब्र मांगता है। इसलिए यह समझना बहुत ज़रूरी है कि झगड़े के वक्त क्या कहना ठीक नहीं होता।


मुझे तुमसे रिश्ता रखने का पछतावा है रिश्ते के लिए सबसे खतरनाक वाक्य

ये बात होते ही बहस तुरंत तेज़ हो जाती है।गुस्से में भले ही कह दी जाए, लेकिन यह पार्टनर को यह महसूस कराती है कि आपके जीवन में उसका स्थान खत्म हो गया है।इससे रिश्ते पर सवाल उठता है और यह बात दिल पर गहरी चोट छोड़ती है।एक बार बोल देने के बाद इसे सही कर पाना बहुत मुश्किल होता है

यह ऐसा वाक्य है, जिसे सुनकर कोई भी इंसान का दिल टूट सकता है। इसलिए इस बात से हमेशा दूर रहें।


पैसे या आर्थिक स्थिति पर ताना मारना

अक्सर झगड़े में लोग यह कह देते हैं कि

तुम्हारे पास कुछ नहीं है तुम कमाते ही क्या हो?तुम्हारा बैकग्राउंड ही ऐसा है।लेकिन यह बात सामने वाले के आत्मसम्मान को सीधे चोट पहुंचाती है।आर्थिक हालात हर व्यक्ति के लिए निजी और नाज़ुक मुद्दा होते हैं

इस पर मजाक या ताना रिश्ते में गहरी दूरी पैदा कर सकता है।पार्टनर को लगता है कि उसे उसकी कमाई से तौला जा रहा है, न कि इंसानियत से ऐसी बातें एक लंबे और खूबसूरत रिश्ते को भी कमजोर कर सकती हैं।


पार्टनर के परिवार या दोस्तों के बारे में गलत बोलना

बहस पार्टनर से है, लेकिन गुस्सा लोगों पर निकल जाता है।तुम्हारे घरवाले ऐसे हैं,तुम्हारे दोस्त ही बेकार हैं,ऐसी बातें तुरंत माहौल और खराब कर देती हैं।हर इंसान के लिए उसका परिवार और करीबी लोग बहुत मायने रखते हैं।अगर आप उन्हें बुरा कहते हैं तो पार्टनर को लगता है कि आप उसकी दुनिया को नहीं समझते।यह रिश्ते में एक हमेशा बनी रहने वाली नाराज़गी छोड़ देती है।झगड़े में भी यह सीमा पार नहीं करनी चाहिए।


पार्टनर की कमजोरी का मजाक बनाना

किस बात पर सामने वाला असुरक्षित महसूस करता है, यह हम अक्सर जानते हैं।लेकिन झगड़े में वही कमजोर पॉइंट हथियार की तरह इस्तेमाल हो जाता है।तुम कर ही क्या सकते हो?इसीलिए लोग तुम्हें पसंद नहीं करते।

ये वाक्य छोटे लगते हैं, लेकिन असर बहुत बड़ा छोड़ते हैं।इससे पार्टनर का आत्मविश्वास टूट सकता है वह आपके साथ असुरक्षित महसूस करने लगता है।धीरे-धीरे रिश्ते में दूरी बढ़ती जाती है।यह बात याद रखें कि कमजोरियों पर मरहम लगाया जाता है, ताना नहीं मारा जाता।


तो क्या करें? कैसे बचाएं रिश्ते को?

रिश्ते में झगड़ा होना सामान्य है।

लेकिन बात यह है कि कठिन समय में भी शब्दों का चुनाव समझदारी से किया जाए।बहस हो तो एक मिनट रुककर सोचें,आवाज़ धीमे रखें,भावनाओं पर कंट्रोल रखें,किसी भी कीमत पर सीमा पार न करें।


याद रखिए

रिश्ते शब्दों से बनते भी हैं और बिगड़ते भी हैं।

कुछ बातें ऐसी होती हैं जिन्हें कह देने के बाद वापस नहीं लिया जा सकता।अगर आप इन चार बातों से बचेंगे, तो बहस के बाद भी

आपका रिश्ता मजबूत और सुरक्षित रहेगा।