भारत की सबसे सुरक्षित और प्रतिष्ठित ट्रेनों में गिनी जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गर्मियों की भीड़भाड़ के बीच, जब अधिकांश ट्रेनें फुल क्षमता से चल रही हैं, उसी दौरान एक तेज रफ्तार प्रीमियम ट्रेन में आग लगना यात्रियों और रेलवे दोनों के लिए चिंता का विषय बना। घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया कि इतना हाई-स्टैंडर्ड मेंटेनेंस रखने वाली ट्रेनों में आग जैसी गंभीर घटनाएँ आखिर कैसे हो जाती हैं। शुरुआती सतर्कता और टीमों की तेज़ कार्रवाई ने बड़ी त्रासदी से बचा लिया, लेकिन हादसे के बाद पूरे रूट पर असर दिखा।


मध्य प्रदेश के रतलाम इलाके में रविवार सुबह तिरुवनंतपुरम से हजरत निजामुद्दीन जा रही राजधानी एक्सप्रेस के AC कोच में अचानक आग लग गई। घटना लूणी रीछा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशन के बीच हुई। सुबह लगभग 5:15 बजे, जब यात्री नींद में थे, कोच से धुआँ उठता देखा गया। गफलत और घबराहट के बीच रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और ऑन-ड्यूटी स्टाफ ने तुरंत कार्रवाई की और कुछ ही मिनटों में 68 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आग शॉर्ट सर्किट से लगने की आशंका है, लेकिन जांच जारी है। आग बढ़ने से पहले ही प्रभावित कोच को ट्रेन से अलग कर दिया गया, जिससे बड़ा नुकसान टला।


रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आग शॉर्ट सर्किट से लगने की आशंका है, लेकिन जांच जारी है। आग बढ़ने से पहले ही प्रभावित कोच को ट्रेन से अलग कर दिया गया, जिससे बड़ा नुकसान टला।इस घटना का सबसे बड़ा असर देश के व्यस्ततम मार्गों में से एक दिल्ली और मुंबई रेल रूट पर पड़ा। ट्रेनों को रोका गया, कई को डायवर्ट किया गया, और कई सेवाओं में देरी हुई। रेलवे ने ट्रैक की सुरक्षा जांच के लिए पूरी लाइन को अस्थायी रूप से बंद किया।


रेलवे ने मौके पर राहत-बचाव टीमें भेजीं, ओवरहेड बिजली सप्लाई बंद की और स्थिति को काबू में लिया। यात्रियों को जानकारी देने के लिए हेल्पलाइन भी सक्रिय की गई। तेज़ कार्रवाई के चलते किसी भी यात्री को चोट नहीं आई, लेकिन घटना ने रेलवे सुरक्षा और मेंटेनेंस सिस्टम पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।