
अररिया में जमीयतुल उलमाए हिंद अररिया की ओर से सोमवार को मदरसा इस्लामिया यतीम खाना में एक दिवसीय तरबियती वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले भर के उलेमा, मस्जिदों के इमाम, मदरसा शिक्षकों और मोअज्जिनों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला का उद्देश्य उलेमाओं की तरबियत, शिक्षा के प्रति जागरूकता और कौमी एकता को मजबूत करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना खालिद शैफुल्लाह रहमानी शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि लोगों को इस्लामी तौर-तरीकों के अनुसार अपनी जिंदगी गुजारनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उलेमा समाज के लिए एक “पावर हाउस” की तरह हैं, क्योंकि उनके माध्यम से लोगों तक दीन और समाज से जुड़ी बातें पहुंचती हैं।
मौलाना ने कहा कि देश में मौजूद दीनी मदरसे इस्लाम की हिफाजत का मजबूत किला हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और विकास बहुत जरूरी है। उन्होंने उलेमाओं से शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर काम करने और समाज में भाईचारा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुल्क की तरक्की के लिए सभी लोगों को आपसी सद्भाव और एकता के साथ रहना चाहिए।
अपने भाषण में उन्होंने लोगों को अनावश्यक मुकदमेबाजी से बचने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे विवादों को अदालत तक ले जाने के बजाय आपस में बैठकर बातचीत से हल निकालना बेहतर है। इससे समाज में शांति और भाईचारा बना रहता है। उन्होंने उलेमाओं से कहा कि वे लोगों को शिक्षा, नैतिकता और राष्ट्रीय एकता के लिए जागरूक करें।
कार्यक्रम में जमीयतुल उलमा बिहार के अध्यक्ष मौलाना जावेद इकबाल भी मौजूद रहे। इसके अलावा जमीयतुल उलमा अररिया के अध्यक्ष डॉ आबिद हुसैन, सचिव अतहरुल कासमी और उपाध्यक्ष मौलाना शाहिद आदिल कासमी ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि यह कार्यशाला शिक्षा और मदरसों के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
कार्यक्रम में मदरसों के संचालन और प्रबंधन को लेकर भी चर्चा की गई। शिक्षकों और प्रबंधन समिति के सदस्यों से कहा गया कि मदरसे की जमीन का रजिस्ट्रेशन मदरसे के नाम पर कराया जाए और आय-व्यय में पूरी पारदर्शिता रखी जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि सरकार किसी प्रकार की जानकारी मांगे तो उसे उपलब्ध कराने में सहयोग करना चाहिए।
आयोजकों ने बताया कि अररिया में पहली बार इतने बड़े स्तर पर उलेमाओं के लिए तालीम और कौमी एकता को लेकर इस तरह की ऐतिहासिक तरबियती वर्कशॉप आयोजित की गई। कार्यक्रम के अंत में देश और समाज में अमन, भाईचारे और तरक्की के लिए दुआ की गई।
