Mau News In Hindi: करीब एक घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने घर के विभिन्न कमरों की तलाशी ली. वहीं, महिला पुलिसकर्मियों के जरिए घर की महिलाओं से पूछताछ भी की गई।
माफिया मुख्तार अंसारी की फरार पत्नी अफशां अंसारी की तलाश में रविवार (10 मई) को मऊ और गाजीपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने नगर क्षेत्र के मिर्जाहादीपुरा स्थित पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष तैय्यब पालकी के आवास पर ताबड़तोड़ छापेमारी की।
करीब एक घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने घर के विभिन्न कमरों की तलाशी ली तथा महिला पुलिसकर्मियों के जरिए घर की महिलाओं से पूछताछ की। हालांकि, काफी देर तक चली छानबीन के बावजूद अफशां अंसारी का कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस टीम बैरंग लौट गई।
संयुक्त छापेमारी की खबर से पूरे दिन मुख्तार समर्थकों में हड़कंप की स्थिति बनी रही। जानकारी के अनुसार, गाजीपुर जिले के थाना मुहम्मदाबाद क्षेत्र की निवासी अफशां अंसारी के खिलाफ मऊ जिले के दक्षिण टोला थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
अफशां अंसारी पर दर्ज हैं करीब 10 मामले
वहीं, गाजीपुर जिले के विभिन्न थानों में भी उनके खिलाफ करीब 10 आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस लंबे समय से उनकी तलाश में जुटी हुई है तथा उन पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है।
रविवार की सुबह लगभग नौ बजे गाजीपुर जिले की कासिमाबाद पुलिस तथा मऊ के दक्षिण टोला थाने की संयुक्त टीम पूर्व चेयरमैन तैय्यब पालकी के आवास पर पहुंची।
पुलिस टीम ने पूरे घर की गहन तलाशी ली और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। छापेमारी के दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने घर की महिलाओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उनसे पूछताछ की। करीब एक घंटे तक चली कार्रवाई के बाद जब कोई सफलता हाथ नहीं लगी, तो पुलिस वापस लौट गई।
छापेमारी पर पूर्व चेयरमैन ने क्या कहा?
छापेमारी के बाद पूर्व चेयरमैन तैय्यब पालकी ने कार्रवाई को पूरी तरह राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस उनके जवाबों से संतुष्ट नहीं हुई, तो महिला पुलिसकर्मियों को घर के अंदर भेजकर उनकी पत्नी समेत अन्य महिलाओं से पूछताछ कराई गई।
उन्होंने कहा कि उनका संबंध केवल मुख्तार अंसारी से राजनीतिक स्तर तक सीमित था और परिवार से कभी कोई संपर्क नहीं रहा।
साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई करा रहे हैं। उन्होंने आगामी नगर पालिका परिषद चुनाव लड़ने का दावा करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव लड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है, लेकिन पार्टी नेतृत्व यदि भविष्य में जिम्मेदारी देगा तो वह मना भी नहीं करेंगे।
मामले पर क्या बोले पुलिस अधीक्षक?
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि अफशां अंसारी 50 हजार रुपये की इनामी हैं और दिवंगत मुख्तार अंसारी की पत्नी हैं। साथ ही, वे आईएस-191 गैंग की सक्रिय सदस्य भी हैं।
उन्होंने बताया कि उनकी तलाश में गाजीपुर और मऊ के विभिन्न कुल सात स्थानों पर छापेमारी की कार्रवाई की गई।
इसके अलावा गैंग के अन्य सहयोगियों के घरों पर भी दबिश दी गई, जहां अफशां अंसारी के होने की संभावना जताई जा रही थी। पुलिस वहां से मिली जानकारियों को जुटाने के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य एकत्र करने का भी प्रयास कर रही है।
पुलिस अधीक्षक ने दावा किया कि अफशां अंसारी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अफशां के खिलाफ जारी हो चुका है लुकआउट नोटिस
उन्होंने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों की भी निगरानी की जा रही है तथा आने वाले समय में उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि अफशां अंसारी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया जा चुका है।
पुलिस के अनुसार, छापेमारी की कार्रवाई मंसूर अंसारी, मऊ के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष तैय्यब पालकी, गौस मोइनुद्दीन, लालजी यादव, अरविंद सिंह, उमेश सिंह और श्यामलाल सोनकर के ठिकानों पर की गई।
गाजीपुर-मऊ पुलिस की संयुक्त छापेमारी
मऊ नगर क्षेत्राधिकारी कृष राजपूत ने बताया कि गाजीपुर और मऊ पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए वांछित एवं इनामी अफशां अंसारी की गिरफ्तारी के उद्देश्य से दक्षिण टोला क्षेत्र में दबिश दी थी, लेकिन वह मौके पर नहीं मिलीं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार अभियान चला रही है।
रविवार सुबह हुई इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने करीब एक घंटे तक छानबीन की, लेकिन अफशां अंसारी का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस टीम पूछताछ कर वापस लौट गई।
उधर, पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मुख्तार समर्थकों में पूरे दिन हड़कंप का माहौल बना रहा।
