बिहार की राजनीति इस समय एक नए मोड़ पर खड़ी है। नीतीश कुमार के इस्तीफे और नई सरकार के गठन के बाद अब सम्राट चौधरी नेतृत्व वाली NDA सरकार अपने पहले बड़े राजनीतिक परीक्षण के सामने है।

राज्य में होने वाला 7 मई का शपथ ग्रहण समारोह सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि गठबंधन की ताकत, समीकरणों और भविष्य की दिशा को तय करने वाला महत्वपूर्ण इवेंट माना जा रहा है।गांधी मैदान में होने वाला यह कार्यक्रम इतना बड़ा बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी की तैयारी की जा रही है।यह आयोजन न सिर्फ नया मंत्रिमंडल बनाएगा, बल्कि बिहार की सत्ता में BJP–JDU के नए समीकरणों की शुरुआत भी करेगा।


बड़ी तैयारी: गांधी मैदान बनेगा शपथ ग्रहण का केंद्र

PTI से मिली पुष्टि के अनुसार, बिहार BJP अध्यक्ष संजय सराओगी ने कहा कि 7 मई को मंत्रिमंडल विस्तार निश्चित है और इसका आयोजन पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होगा।

प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था से लेकर मंच निर्माण तक सभी तैयारियाँ तेज कर दी हैं।


सरकार का नया आकार: 50–50 फॉर्मूला लागू

नई NDA सरकार में मंत्रियों की संख्या को लेकर काफी दिनों से चर्चा चल रही थी।मौजूदा स्थिति इस प्रकार है बीजेपी और जेडीयू के बीच बराबर हिस्सेदारी (50–50 फॉर्मूला) कुल 16–16 मंत्री दोनों दलों से शामिल होने की संभावना है और बीजेपी कोटे से 15 नए चेहरे जेडीयू ,कोटे से 14 मंत्री

LJP (R) से 2 मंत्री,HAM और RLSP से 1–1 मंत्री कुछ पद भविष्य के लिए खाली रह सकते हैं।अभी मंत्रिमंडल के 33 पद खाली हैं, जिन्हें इस विस्तार में भरा जाएगा।


दिल्ली से पटना तक गहमागहमी

7 मई के कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिल्ली जाकर गृह मंत्री अमित शाह BJP के शीर्ष नेतृत्व

NDA सहयोगी दल से मुलाकात की।

दिल्ली से लौटते ही वे नीतीश कुमार के आवास पहुँचे, जहाँ संभावित मंत्रियों की सूची और अंतिम नामों पर चर्चा मानी जा रही है।


पृष्ठभूमि: नई सरकार की शुरुआत

नीतीश कुमार के अचानक इस्तीफे के बाद बनी नई NDA सरकार में अभी तक विजय कुमार चौधरी,बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने ही शपथ ली है।अब बाकी बचे पदों को भरने के लिए गांधी मैदान में भव्य शपथ समारोह रखा गया है।


चुनावी माहौल और अन्य राज्यों पर असर

बीजेपी नेतृत्व ने हालिया विधानसभा चुनावों में बंगाल में ऐतिहासिक जीत और असम में लगातार तीसरी बार NDA सरकार जैसी उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए चुनाव आयोग के काम की तारीफ की है।उन्होंने TMC के अनियमितताओं के आरोपों को खारिज किया है।