दिल्ली की भीषण गर्मी में एक 25 वर्षीय युवक के साथ हुई घटना ने सभी को चौंका दिया। तेज धूप में काम करते हुए उसने खुद को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए दिनभर में करीब 5 लीटर पानी पी लिया। उसे लगा कि ज्यादा पानी पीना सेहत के लिए फायदेमंद होगा, लेकिन शाम होते-होते उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। पहले उसे चक्कर और सिरदर्द हुआ, फिर उल्टी और कन्फ्यूजन जैसे लक्षण सामने आए। जब हालत ज्यादा खराब हो गई, तो परिवार वाले घबराकर उसे अस्पताल ले गए, जहां उसे गंभीर स्थिति में ICU में भर्ती करना पड़ा।


जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि युवक के शरीर में सोडियम का स्तर काफी कम हो गया था, जिसे मेडिकल भाषा में Hyponatremia कहा जाता है। यह स्थिति तब होती है जब शरीर में पानी की मात्रा जरूरत से ज्यादा हो जाती है और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स, खासकर सोडियम, का संतुलन बिगड़ जाता है। डॉक्टरों के अनुसार, पसीने के साथ शरीर से केवल पानी ही नहीं बल्कि सोडियम और अन्य मिनरल्स भी बाहर निकलते हैं। अगर इनकी भरपाई सिर्फ पानी से की जाए और इलेक्ट्रोलाइट्स न लिए जाएं, तो शरीर पर गंभीर असर पड़ सकता है।


इस घटना ने युवक के परिवार को भी झकझोर कर रख दिया। परिजनों का कहना है कि उन्हें लगा वह अपनी सेहत का ध्यान रख रहा है, लेकिन यह नहीं पता था कि ज्यादा पानी पीना भी खतरनाक हो सकता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि आमतौर पर एक व्यक्ति को दिनभर में 2.5 से 3 लीटर पानी पीना चाहिए, लेकिन यह मात्रा मौसम और शारीरिक गतिविधियों के अनुसार बदल सकती है। साथ ही, गर्मी में सिर्फ पानी नहीं बल्कि नारियल पानी, छाछ या ORS जैसे पेय भी लेना जरूरी है ताकि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बना रहे।

यह घटना एक अहम संदेश देती है कि सेहत के मामले में संतुलन सबसे जरूरी है। “ज्यादा पानी पीना हमेशा फायदेमंद होता है” जैसी सोच गलत साबित हो सकती है। सही मात्रा में और सही तरीके से हाइड्रेशन ही शरीर को गर्मी के असर से सुरक्षित रख सकता है।