बिहार में मानसून का इंतजार अब लगभग खत्म होने वाला है। भीषण गर्मी, उमस और लू से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य की दहलीज तक पहुंच चुका है और अगले दो से तीन दिनों में इसकी आधिकारिक एंट्री होने की संभावना है। राजधानी पटना से लेकर पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार और कई अन्य जिलों में हुई झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। सड़कों पर दौड़ती गर्म हवाओं की जगह अब ठंडी बयार महसूस की जा रही है। मौसम विभाग का मानना है कि यह प्री-मानसून गतिविधियों का असर है, जो मानसून के आगमन का स्पष्ट संकेत दे रही हैं। ऐसे में बिहार के करोड़ों लोगों, खासकर किसानों की नजरें अब आसमान पर टिकी हुई हैं।

सिलीगुड़ी तक पहुंच चुका मानसून, बिहार में एंट्री बस कुछ कदम दूर

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक पहुंच चुकी है। सामान्य तौर पर मानसून बिहार में उत्तर-पूर्वी जिलों किशनगंज, पूर्णिया, अररिया और कटिहार के रास्ते प्रवेश करता है और फिर धीरे-धीरे पूरे राज्य में फैलता है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 13 से 14 जून के बीच मानसून बिहार में दस्तक दे सकता है। इस बार केरल में मानसून करीब चार दिन की देरी से पहुंचा था, जिसके कारण बिहार में भी इसकी एंट्री थोड़ी देर से होने की संभावना जताई जा रही थी। हालांकि अब मानसूनी सिस्टम तेजी से सक्रिय हुआ है और पूर्वी भारत में इसके आगे बढ़ने की गति बढ़ गई है। यही वजह है कि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों को बिहार के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया है।

पटना से पूर्णिया तक बारिश का असर, गर्मी से मिली बड़ी राहत

पिछले कई दिनों से राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा था और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। लेकिन मंगलवार से शुरू हुई बारिश ने हालात बदल दिए। पटना, पूर्णिया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली और उत्तर बिहार के कई हिस्सों में हुई बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों में अधिकतम तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है। उत्तर बिहार में तापमान 30 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि दक्षिण बिहार के जिलों में भी गर्मी का असर पहले की तुलना में काफी कम रहेगा। लगातार बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट, कई जिलों पर खास नजर

मानसून की दस्तक से पहले मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए चेतावनी भी जारी की है। 10 से 16 जून के बीच अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार और सुपौल में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा मुजफ्फरपुर, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, दरभंगा, सीतामढ़ी, वैशाली और समस्तीपुर समेत कई जिलों में तेज हवाएं चल सकती हैं और वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बारिश और बिजली गिरने के दौरान खुले मैदान, खेतों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें। आपदा प्रबंधन विभाग भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान, खेती-किसानी को मिलेगा नया जीवन

बिहार की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा कृषि पर निर्भर है और खरीफ फसलों की बुवाई मानसून पर ही टिकी होती है। ऐसे में मानसून का समय पर पहुंचना किसानों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है। धान की नर्सरी तैयार करने, खेतों की जुताई और बुवाई जैसे काम मानसूनी बारिश के बाद तेजी पकड़ते हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ता है और बारिश का वितरण संतुलित रहता है, तो इस वर्ष कृषि उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है। यही कारण है कि बिहार में मानसून का इंतजार केवल मौसम बदलने का नहीं, बल्कि खेती, अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन में नई उम्मीदों के आगमन का भी प्रतीक माना जा रहा है।