वॉशिंगटन से मिली ताज़ा जानकारी के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को “अंत के करीब” बताया है। हालांकि, अपने बयान में उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में अमेरिका नए सैन्य हमले कर सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रंप के ये मिश्रित संदेश यह दिखाते हैं कि मौजूदा संघर्ष अभी भी अनिश्चित दिशा में आगे बढ़ रहा है।


युद्ध लगभग पूरा लेकिन हमले संभव

एक विशेष संबोधन में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमताओं मिसाइल, ड्रोन, नौसेना और वायुसेना को “भारी नुकसान” पहुँचाया है।ट्रंप ने दावा किया “हम अपने मुख्य लक्ष्यों के बेहद करीब हैं। यह काम जल्दी पूरा हो जाएगा।”लेकिन इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और औद्योगिक ठिकानों पर एक साथ तेज़ हमले कर सकता है।


तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर

ट्रंप के बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हलचल देखी गई अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ी

डॉलर मजबूत हुआ।कच्चे तेल की कीमतें तेजी से ऊपर गईं।कई शेयर बाज़ारों में गिरावट दर्ज की गई।निवेशकों में चिंता है कि युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है।


ईरान की प्रतिक्रिया टकराव महंगा और बेकार

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने अमेरिकी जनता के नाम एक पत्र जारी किया, जिसमें कहा गया ईरान का अमेरिका से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, लेकिन इस टकराव को जारी रखना दोनों देशों के लिए महंगा है।

उनके मुताबिक, ऊर्जा और उद्योग पर हमले आम नागरिकों को सीधे प्रभावित कर रहे हैं।


विशेषज्ञों की चेतावनी

रणनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप की रणनीति युद्ध का दबाव बढ़ाकर समझौता कराना काफी जोखिम भरी है।एक विश्लेषक के अनुसार अमेरिका समझता है कि दबाव बढ़ाकर ईरान को राज़ी किया जा सकता है, लेकिन यह तरीका हमेशा सफल नहीं होता।


हॉर्मुज जलडमरूमध्य बना वैश्विक चिंता का केंद्र

संघर्ष के चलते Strait of Hormuz आंशिक रूप से बंद हो चुका है यह वही रास्ता है जहाँ से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल गुजरता है।

अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में लगभग 60% उछाल अमेरिका में पेट्रोल की कीमत 4 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर ट्रंप ने कहा कि युद्ध के बाद स्थिति सामान्य होगी, पर यह नहीं बताया कि जलडमरूमध्य कैसे खुलेगा।


अमेरिका में राजनीतिक दबाव

ट्रंप को देश के अंदर भी दबाव का सामना करना पड़ रहा है।कई अमेरिकी इस युद्ध के खिलाफ

चुनावों में इसका असर पड़ सकता है।महंगाई और खर्च बढ़ने से नाराज़गी भी हो सकती है।ट्रंप ने लोगों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा पहले के युद्ध वर्षों चले हैं… यह सिर्फ 32 दिन पुराना है।


ट्रंप के बयानों से साफ है कि अमेरिका की रणनीति अभी दिशाहीन स्थिति में है।एक तरफ युद्ध खत्म होने की बात, दूसरी तरफ नए हमलों की चेतावनी।ऐसे में आने वाले दिनों में यह संघर्ष शांत होगा या और बढ़ेगा यह स्पष्ट नहीं है।