नई दिल्ली: ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझने के बाद जीवन को नए नजरिए से देखना आसान नहीं होता। लेकिन अभिनेत्री और कंटेंट क्रिएटर छवि मित्तल ने इस कठिन सफर को न केवल पार किया, बल्कि उसे एक नई शुरुआत का रूप दे दिया। कैंसर से जंग जीतने के चार साल पूरे होने पर उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए इसे “दूसरा जन्म” बताया है।
बीमारी से लड़ाई की शुरुआत
छवि मित्तल ने उस दौर को याद किया जब उन्हें ब्रेस्ट कैंसर का पता चला। यह उनके लिए न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक रूप से भी बेहद चुनौतीपूर्ण समय था। इलाज की प्रक्रिया, सर्जरी और उससे जुड़ी कठिनाइयों ने उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया। हालांकि, उन्होंने इस स्थिति को हार नहीं बनने दिया, बल्कि इसे लड़ाई में बदल दिया।
इलाज के बाद का लंबा सफर
कैंसर का इलाज खत्म होने के बाद भी सफर आसान नहीं था। शरीर को फिर से सामान्य स्थिति में लाना, फिटनेस हासिल करना और मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाए रखना—ये सब एक लंबी प्रक्रिया का हिस्सा रहे। छवि ने धीरे-धीरे अपनी दिनचर्या को फिर से व्यवस्थित किया और खुद को पहले से ज्यादा मजबूत बनाने पर ध्यान दिया।
“दूसरा जन्म” क्यों कहा
चार साल पूरे होने पर छवि मित्तल ने अपने इस अनुभव को “दूसरा जन्म” बताया। उनके लिए यह केवल बीमारी से उबरने की कहानी नहीं, बल्कि खुद को नए सिरे से समझने और जीवन को एक अलग नजरिए से जीने की यात्रा रही। उन्होंने यह भी साझा किया कि इस दौर ने उन्हें अपने शरीर, स्वास्थ्य और जीवन की प्राथमिकताओं को लेकर ज्यादा जागरूक बनाया।
दूसरों के लिए बनी प्रेरणा
अपने अनुभव को साझा करते हुए छवि मित्तल लगातार लोगों को जागरूक करने का काम भी कर रही हैं। खासकर महिलाओं को स्वास्थ्य जांच के प्रति सतर्क रहने और समय पर जांच कराने की सलाह देती रही हैं। उनका मानना है कि सही समय पर पहचान और हिम्मत से इस बीमारी का मुकाबला किया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया
जैसे ही उन्होंने अपने इस सफर को साझा किया, सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कई लोगों ने उनकी हिम्मत और सकारात्मक सोच की सराहना की, जबकि कुछ ने उनके अनुभव को प्रेरणादायक बताते हुए इसे दूसरों के लिए उम्मीद का संदेश बताया।
