ere | Source: ereनई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके इन दिनों अपने राजनीतिक आंदोलन और बयानों को लेकर लगातार सुर्खियों में हैं। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद उनके पुराने सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में आ गए हैं। इन्हीं में से एक पोस्ट विराट कोहली के 48वें वनडे शतक से जुड़ा है, जिसमें दीपके ने अंपायर के फैसले पर सवाल उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) को कमजोर संस्था बताया था।

अभिजीत दीपके हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर भी चर्चा में आए थे। उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए इस मुद्दे पर आंदोलन करने की कोशिश की, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उनके दो साथी आशुतोष रांका और सौरभ दास के तिहाड़ जेल में बंद होने की बात भी सामने आई थी। इसी घटनाक्रम के बीच दीपके के पुराने सोशल मीडिया पोस्ट दोबारा वायरल हो रहे हैं।

विराट कोहली के शतक पर अंपायर के फैसले से नाराज थे दीपके

दीपके का पुराना पोस्ट भारत और बांग्लादेश के बीच खेले गए उस वनडे मुकाबले से जुड़ा है, जिसमें विराट कोहली ने अपना 48वां वनडे शतक पूरा किया था। मैच के दौरान कोहली के शतक के करीब पहुंचने पर अंपायर के एक फैसले को लेकर सवाल उठे थे। दीपके का मानना था कि गेंद वाइड थी, लेकिन अंपायर ने उसे वाइड करार नहीं दिया। दीपके ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया था कि अंपायर ने कोहली का शतक पूरा कराने के लिए स्पष्ट वाइड देने से इनकार कर दिया। उन्होंने श्रीलंका के पूर्व कप्तान अर्जुन रणतुंगा की उस टिप्पणी का भी जिक्र किया, जिसमें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सामने ICC को कमजोर संस्था बताया गया था। दीपके ने कहा था कि किसी एक टीम के लिए अलग नियम नहीं होने चाहिए।

नियमों में किसी खिलाड़ी को नहीं मिलनी चाहिए छूट

अपने दूसरे पोस्ट में दीपके ने विराट कोहली के 48वें वनडे शतक और सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड के करीब पहुंचने का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था कि कोहली का शतक पूरा करने का लक्ष्य समझा जा सकता है, लेकिन अंपायर की जिम्मेदारी निष्पक्ष रहना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। उनके अनुसार, किसी खिलाड़ी को व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल कराने के लिए नियमों में छूट नहीं दी जानी चाहिए।

क्या हुआ था भारत-बांग्लादेश के उस मुकाबले में?

इस मुकाबले में बांग्लादेश ने भारत के सामने 257 रनों का लक्ष्य रखा था। भारतीय टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए मजबूत स्थिति में पहुंच गई थी। मैच के अंतिम ओवरों में विराट कोहली अपने शतक के करीब थे, जबकि भारत को जीत के लिए भी लगभग उतने ही रनों की जरूरत थी। इस दौरान कोहली ने कुछ मौकों पर सिंगल लेने से परहेज किया, ताकि वह अपना शतक पूरा कर सकें। बांग्लादेश के गेंदबाज नसुम अहमद जब 42वां ओवर लेकर आए, तो उनकी पहली गेंद लेग साइड की ओर गई। इस गेंद को वाइड दिए जाने को लेकर सवाल उठे, लेकिन मैदानी अंपायर रिचर्ड केटलरो ने वाइड का संकेत नहीं दिया। इसके बाद कोहली ने उसी ओवर की तीसरी गेंद पर छक्का लगाकर अपना 48वां वनडे शतक पूरा किया। भारत ने यह मुकाबला सात विकेट से जीत लिया। अभिजीत दीपके के पुराने पोस्ट के दोबारा चर्चा में आने के बाद उनके क्रिकेट से जुड़े बयान भी सुर्खियों में हैं। इस मामले ने अंपायरिंग की निष्पक्षता और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नियमों के समान पालन को लेकर पुरानी बहस को फिर सामने ला दिया है।