Source: Jagran

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केरल में लगातार भारी बारिश के बीच मंगलवार को वायनाड जिले के कल्लाडी इलाके में बड़ा भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हुआ, जिसके कारण लोगों में तबाही मच गई।वायनाड से लैंड स्लाइड का डराने वाला वीडियो भी सामने आया है। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि सात लोगों के घायल होने की खबर सामने आ रही है। वहीं सात दूसरे लोगों के लापता होने की खबर है। हादसे के बाद पूरे इलाके में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA), पुलिस, फायर एंड रेस्क्यू और अन्य एजेंसियां मिलकर मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं।

वायनाड में लैंडस्लाइड का भयावह वीडियो आया सामने

वायनाड में हुए भूस्खलन का एक डराने वाला वीडियो सामने आया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अचानक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा ढह जाता है और भारी मात्रा में मिट्टी व मलबा तेजी से नीचे की ओर बहने लगता है। इसी दौरान एक बड़ा टैंकर मलबे की चपेट में आकर कई फीट तक खिसक जाता है। हालांकि, मौके पर मौजूद लोग और टैंकर में सवार तीनों व्यक्ति समय रहते सुरक्षित निकलने में सफल रहे।

वीडियो में कुछ लोग छाता लेकर दूर खड़े नजर आते हैं। तभी अचानक जमीन धंस जाती है और देखते ही देखते टनों मिट्टी और चट्टानें नीचे गिरने लगती हैं। बताया जा रहा है कि टैंकर करीब 100 फीट तक पीछे खिसक गया, लेकिन उसमें सवार सभी लोग बाल-बाल बच गए।

यह भूस्खलन अनाक्कमपॉयल-कल्लाडी टनल रोड के पास हुआ, जिससे परियोजना के कुछ हिस्सों को बहुत ज़्यादा नुकसान पहुंचा। हादसे की खबर मिलते ही राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA), पुलिस, फायर एंड रेस्क्यू और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंच गए। सभी टीमें मलबे में फंसे लोगों की तलाश में लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही हैं।

भूस्खलन का असर आसपास की इमारतों पर भी पड़ा। मलबे की नीचे में एक चर्च और नजदीक का एक मकान भी बहालांक, लेकिन अच्छी बात यह है कि जिस वक़्त यह हादसा हुआ उस वक्त चर्च खाली था। वहीं मकान में रहने वाले लोग हज के लिए मक्का गए हुए थे, इसलिए इस घटना में वहां कोई नुक्सान नहीं हुआ।

मुख्यमंत्री ने ठेकेदारों की लापरवाही पर उठाए सवाल

हादसे के बाद केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) के अधिकारियों के साथ बैठक की, बैठक में उन्होंने कहा कि यह हादसा सिर्फ भारी बारिश की वजह से नहीं, बल्कि ठेकेदारों की लापरवाही भी इसकी एक बड़ी वजह है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री पी. के. बशीर और जिला कलेक्टर ने पहले ही ठेकेदारों को इलाके में जमा कीचड़ और मलबा हटाने के लिए निर्देश दिए थे। उन्हें पहले से चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन उन्होंने समय रहते इन निर्देशों का पालन नहीं किया। मुख्यमंत्री का कहना है कि अगर समय पर मलबा हटा दिया जाता, तो इस हादसे का असर कम हो सकता था।