दय्यान खान
भारत में टैटू बनवाने का ट्रेंड पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है और खासकर युवाओं के बीच अलग-अलग भाषाओं और स्टाइल के टैटू काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। इन दिनों उर्दू टैटू का क्रेज तेजी से देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग अपने शरीर पर उर्दू शब्दों, नामों और खास लाइनों के टैटू बनवा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से कई लोगों को उर्दू पढ़ना या लिखना नहीं आता, लेकिन इसकी खूबसूरत लिखावट और कलात्मक डिजाइन उन्हें बेहद आकर्षित कर रही है। टैटू एक्सपर्ट्स के मुताबिक, उर्दू के घुमावदार अक्षर और फ्लो इसे दूसरी भाषाओं से अलग और ज्यादा स्टाइलिश बनाते हैं।
टैटू कलाकारों का कहना है कि आजकल टैटू स्टूडियो में ऐसे कई ग्राहक पहुंच रहे हैं जो सिर्फ इसलिए उर्दू टैटू बनवाना चाहते हैं क्योंकि यह देखने में बेहद सुंदर लगता है। कई बार लोगों को उस शब्द का सही मतलब भी नहीं पता होता, लेकिन उसकी लिखावट उन्हें पसंद आ जाती है। कुछ लोग अपने परिवार के सदस्यों, दोस्तों या पार्टनर के नाम उर्दू में लिखवाना पसंद करते हैं। वहीं कई युवा अपने बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड का नाम उर्दू में टैटू करवाते हैं ताकि आसपास के लोग आसानी से उसे पढ़ न सकें और उनका टैटू एक तरह की निजी पहचान बना रहे।
आज के समय में इंटरनेट भी इस ट्रेंड को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रहा है। टैटू बनवाने से पहले लोग ऑनलाइन ट्रांसलेशन की मदद से उर्दू शब्दों और लाइनों का मतलब खोजते हैं और फिर उसी को टैटू के रूप में बनवा लेते हैं। हालांकि कई बार गलत अनुवाद या गलत स्पेलिंग की वजह से लोगों के शरीर पर गलत टैटू भी बन जाते हैं। टैटू एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी भी भाषा में टैटू बनवाने से पहले उसके सही मतलब और लिखावट की जानकारी जरूर लेनी चाहिए ताकि बाद में पछताना न पड़े।
उर्दू टैटू को लेकर सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे कला और फैशन का हिस्सा मानते हैं, जबकि कुछ लोग सवाल उठाते हैं कि लोग दूसरी भाषाओं की बजाय उर्दू को ही क्यों चुन रहे हैं। हालांकि टैटू बनवाने वाले ज्यादातर लोग इसे अपनी व्यक्तिगत पसंद और इमोशनल एक्सप्रेशन बताते हैं। उनका कहना है कि टैटू सिर्फ एक डिजाइन नहीं बल्कि उनकी भावनाओं और यादों से जुड़ा होता है, इसलिए भाषा का चुनाव भी उनकी अपनी पसंद पर निर्भर करता है।
भारत में उर्दू के कई शब्द पहले से ही फिल्मों, गानों और रोजमर्रा की बातचीत का हिस्सा बन चुके हैं। हालांकि बहुत से लोग यह नहीं जानते कि वे जिन शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, वे उर्दू भाषा से आए हैं। इसके बावजूद उर्दू की खूबसूरत लिखावट और उसका कलात्मक अंदाज युवाओं को लगातार अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। यही वजह है कि आज के दौर में उर्दू टैटू सिर्फ एक फैशन ट्रेंड नहीं बल्कि युवाओं के बीच स्टाइल और भावनाओं को जाहिर करने का नया तरीका बन चुका है।
