यूपी के चर्चित जवाहर पंडित हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाए पूर्व बीजेपी विधायक उदयभान करवरिया एक बार फिर सुर्खियों में हैं। वर्ष 1996 में हुए इस बहुचर्चित हत्याकांड में कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसी घटना के दौरान प्रयागराज ने पहली बार AK-47 से हुई ताबड़तोड़ फायरिंग देखी थी।
सजा माफी के बाद जेल से रिहाई, फिर बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
जुलाई 2024 में योगी सरकार की कैबिनेट की सिफारिश और राज्यपाल की मंजूरी के बाद उदयभान करवरिया की शेष सजा माफ कर दी गई, जिसके बाद वे जेल से रिहा हुए। उस समय इस फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा हुई थी और विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए थे। रिहाई के बाद करवरिया ने अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाई। जुलाई 2025 में उन्होंने अपने बेटे सक्षम करवरिया के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार मुलाकात की, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं।
सीएम योगी के मंच पर दिखे करवरिया, विपक्ष ने उठाए सवाल
इसके बाद मई 2026 और अब जुलाई 2026 में प्रयागराज में आयोजित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी कार्यक्रमों में उदयभान करवरिया मंच पर उनके साथ नजर आए। ताजा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पहली बार सार्वजनिक मंच से उनका नाम भी प्रमुखता से लिया, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
इसी को लेकर विपक्ष ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार अपराध और अपराधी को समान पैमाने पर नहीं देखती, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों के आधार पर अलग-अलग रवैया अपनाती है। विपक्ष का कहना है कि जिन लोगों को गंभीर आपराधिक मामलों में सजा हो चुकी है, यदि वे सत्ता के करीब हैं तो उन्हें सम्मान और राजनीतिक स्वीकार्यता मिल जाती है, जबकि अन्य मामलों में सरकार सख्त कार्रवाई और एनकाउंटर की नीति का दावा करती है।
