नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से प्रदर्शन की तैयारी के बीच केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले का बयान सामने आया है। उन्होंने CJP को सलाह दी है कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन करने के बजाय छात्रों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करे। आठवले ने अपने बयान में नीट परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि CJP ने पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी और बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका इस्तीफा ले लिया था। ऐसे में अब ज्ञानेश कुमार के मामले में आंदोलन करने की जरूरत पर उन्होंने सवाल उठाए हैं।
रामदास आठवले ने CJP को क्यों दी आंदोलन की सलाह?
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने रविवार को CJP के आंदोलन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी की स्थापना नीट परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने के मुद्दे पर हुई थी। उस समय पार्टी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई थी। आठवले के मुताबिक, बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले लिया और CJP की मांगें पूरी हो गईं। इसी संदर्भ में उन्होंने सवाल किया कि अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मामले में CJP को आंदोलन करने की क्या आवश्यकता है। आठवले ने कहा, “कॉकरोच जनता पार्टी वालों को मेरा कहना है कि आपकी पार्टी स्थापित हुई थी नीट एग्जाम में जो पेपर लीक हुई थी, उसके लिए आपकी पार्टी स्थापित हुई थी। आपने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा, मोदी जी इस्तीफा ले लिया और सारी मांगें आपकी पूरी कर दीं। अब ज्ञानेश कुमार के इस मामले में पड़ने की आपको क्या जरूरत है।” उनके इस बयान का मुख्य संदेश यह था कि CJP को अपनी स्थापना के समय उठाए गए छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर ही आंदोलन जारी रखना चाहिए। उन्होंने पार्टी को सलाह दी कि वह शिक्षा नीति, परीक्षा प्रणाली और विद्यार्थियों के सामने आने वाली समस्याओं को लेकर सरकार से सवाल करे।
“छात्रों के लिए आंदोलन करें”, CJP को शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान देने की सलाह
रामदास आठवले ने स्पष्ट किया कि उन्हें छात्रों के मुद्दों पर आंदोलन करने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने की आवश्यकता पर उन्होंने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को किस तरह की शिक्षा नीति मिलनी चाहिए, परीक्षाएं किस प्रकार आयोजित की जानी चाहिए और परीक्षा व्यवस्था में किन समस्याओं का समाधान जरूरी है, इन विषयों पर CJP को आंदोलन करना चाहिए। आठवले के अनुसार, छात्र हितों से जुड़े मुद्दे पार्टी के मूल उद्देश्य से संबंधित हैं। इसलिए उसे ऐसे विषयों पर अपनी सक्रियता बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन करने के बजाय शिक्षा और परीक्षा से संबंधित सवालों को प्राथमिकता देने की सलाह दी।
ज्ञानेश कुमार के बचाव में आठवले ने मतदाता सूची के आंकड़ों का किया जिक्र
केंद्रीय मंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बचाव करते हुए मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि जिन 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने की बात कही जा रही है, उनमें अलग-अलग श्रेणियों के लोग शामिल हैं। आठवले ने कहा कि इनमें छह करोड़ ऐसे लोग हैं, जो नौकरी या कारोबार के कारण एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले गए हैं। उनके मुताबिक, एक करोड़ लोग ऐसे हैं, जिनके नाम दो स्थानों पर दर्ज थे और उनमें से एक नाम हटाया गया है। इसके अलावा उन्होंने तीन करोड़ लोगों के लापता होने का भी उल्लेख किया। आठवले के ये आंकड़े उनके बयान का हिस्सा हैं। उपलब्ध समाचार विवरण में इन आंकड़ों के समर्थन में किसी स्वतंत्र जांच रिपोर्ट या आधिकारिक दस्तावेज का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए इन्हें केंद्रीय मंत्री के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मतदाता सूची से नाम हटाने का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में है। विपक्ष की ओर से चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि आठवले ने नाम हटाए जाने के पीछे स्थान परिवर्तन, एक से अधिक स्थानों पर नाम दर्ज होने और लोगों के लापता होने जैसी वजहों का उल्लेख किया।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना, वोट चोरी के आरोपों पर उठाए सवाल
रामदास आठवले ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ओर से लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस की चुनावी सफलता का उल्लेख करते हुए पूछा कि यदि चुनाव में वोट चोरी हुई है, तो क्या कांग्रेस की सीटों में हुई बढ़ोतरी को भी उसी नजरिए से देखा जाना चाहिए। आठवले ने कहा, “इसलिए वोट चोरी के संबंध में जिस तरह राहुल गांधी बोल रहे हैं। मेरा सवाल राहुल गांधी जी से है कि तुम जहां से चुनकर आए, वहां हमारा वोट चोरी हुई है। तुम्हारे लोग 42 से 99 हो गए हैं। मतलब हमारा वोट चोरी हो गया है, ऐसा बोलेंगे क्या। इसलिए लोकतंत्र में जब आने के साथ कांग्रेस को सत्ता मिली है, तब आप वोट चोरी करते थे क्या।” उन्होंने आगे कहा कि सरकार को जनता के वोट से समर्थन मिला है और इसी आधार पर चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांगने के लिए किए जा रहे आंदोलन को उन्होंने बेबुनियाद बताया। आठवले का आरोप है कि इस तरह के प्रदर्शनों से जानबूझकर अराजकता की स्थिति पैदा करने की कोशिश की जा रही है और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
CJP के नेताओं की हिरासत के बाद फिर बढ़ी राजनीतिक हलचल
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत कई नेताओं को शनिवार को हिरासत में लिया गया था। हालांकि, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद संगठन की ओर से आगे की रणनीति और प्रदर्शन को लेकर गतिविधियां जारी हैं। CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने की तैयारी की जा रही है। इसी बीच रामदास आठवले की टिप्पणी ने राजनीतिक बहस को और चर्चा में ला दिया है। एक तरफ केंद्रीय मंत्री CJP को छात्रों के मुद्दों पर ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ संगठन की ओर से अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, आठवले के बयान के बाद CJP की ओर से क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया दी जाती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
अभिजीत दीपके को पहले भी चेतावनी दे चुके हैं रामदास आठवले
रामदास आठवले इससे पहले 3 अक्टूबर को भी अभिजीत दीपके और CJP को लेकर बयान दे चुके हैं। उस समय उन्होंने आरोप लगाया था कि अभिजीत दीपके ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के बारे में गलत बयान दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बारे में भी आपत्तिजनक एवं अपमानजनक टिप्पणियां कीं। आठवले ने तब कहा था कि अभिजीत दीपके को इस तरह के बयान देना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी थी कि ऐसा नहीं होने पर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। इस पुराने बयान से स्पष्ट है कि आठवले पहले भी CJP के संस्थापक की टिप्पणियों को लेकर आपत्ति जता चुके हैं।
दिल्ली में आज बड़ा प्रदर्शन, कांग्रेस का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च
सोमवार, 12 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की तैयारी की है और इसके लिए देशभर से कार्यकर्ताओं को दिल्ली बुलाने की बात कही गई है। वहीं, CJP भी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति लेने के लिए पुलिस से संपर्क करने वाली है। समाचार के अनुसार, CJP सुबह 10 बजे पुलिस थाने जाकर प्रदर्शन की अनुमति मांगने की तैयारी में है। संगठन का कहना है कि यदि उसे 24 घंटे के भीतर समय नहीं दिया जाता है, तो वह स्वयं आंदोलन के स्थान और समय की घोषणा कर देगा। इस घटनाक्रम के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रदर्शन की अनुमति को लेकर पुलिस क्या निर्णय लेती है और दोनों संगठनों की आगे की रणनीति क्या रहती है।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन पर अब क्या होगा?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के दावे और राहुल गांधी की ओर से उठाए जा रहे वोट चोरी के मुद्दे ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने जहां CJP को छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन करने की सलाह दी है, वहीं उन्होंने चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को अनुचित बताते हुए विपक्ष पर भी निशाना साधा है। फिलहाल, दिल्ली में कांग्रेस के मार्च और CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रदर्शन की अनुमति और आंदोलन की रणनीति को लेकर संबंधित पक्ष क्या कदम उठाते हैं।
