डिजिटल दौर में स्मार्टफोन अब सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। लेकिन हाल की रिपोर्ट एक चौंकाने वाली तस्वीर पेश करती है। साल 2024 में भारत में लोगों ने कुल 1.1 ट्रिलियन घंटे स्मार्टफोन पर बिताए, यानी औसतन हर व्यक्ति रोज करीब 5 घंटे स्क्रीन पर समय गुजार रहा है।
मोबाइल से दूरी बनते ही घबराहट क्यों महसूस होती है?
अगर फोन आपसे थोड़ी देर के लिए भी दूर हो जाए और आपको बेचैनी होने लगे, तो यह सिर्फ आदत नहीं, बल्कि एक संकेत है कि स्क्रीन आपकी बॉडी और दिमाग पर असर डाल रही है। हाल की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में लोग 2024 में कुल 1.1 ट्रिलियन घंटे स्मार्टफोन पर बिताते रहे, यानी औसतन हर व्यक्ति करीब 5 घंटे रोज स्क्रीन पर रहता है। चलिए आपको बताते हैं कि इससे आपको कैसे दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
समय से पहले बना रही आपको बूढ़ा
यही बढ़ता स्क्रीन टाइम धीरे-धीरे शरीर के अंदर एक ऐसी प्रक्रिया शुरू कर देता है, जो समय से पहले बूढ़ा होने की वजह बन सकती है। सबसे पहला असर नींद पर पड़ता है। रात में फोन चलाने से निकलने वाली ब्लू लाइट शरीर में बनने वाले मेलाटोनिन हार्मोन को दबा देती है, जो नींद के लिए बेहद जरूरी है। NPJ Digital Health में प्रकाशित रिसर्च भी बताती है कि जितना ज्यादा रात में स्क्रीन का इस्तेमाल होगा, नींद उतनी ही खराब होगी।
