दय्यान खान
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर इस्तेमाल कर रहे लाखों उपभोक्ताओं के लिए 9 मई की रात से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। बिजली विभाग प्रदेशभर में प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड सिस्टम में बदलने की प्रक्रिया शुरू करेगा। इस फैसले के बाद लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही था कि जिन उपभोक्ताओं ने पहले से मीटर में रिचार्ज कराया हुआ है, उनके बचे हुए पैसों का क्या होगा? अब बिजली विभाग ने इसको लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है।
उपभोक्ताओं का एक भी रुपया नहीं होगा खराब
बिजली विभाग के अनुसार, प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बचा हुआ बैलेंस पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। जैसे ही मीटर पोस्टपेड मोड में बदलेगा, वैसे ही उपभोक्ता के खाते में मौजूद राशि अगले बिजली बिल में अपने आप एडजस्ट कर दी जाएगी। इसके लिए किसी भी तरह की अलग प्रक्रिया या आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।
विभाग ने यह भी बताया कि बिजली बिल में साफ तौर पर दिखाया जाएगा कि उपभोक्ता के खाते में कितना बैलेंस मौजूद था और उसे किस तरह बिल में समायोजित किया गया है। इससे उपभोक्ता आसानी से पूरा हिसाब समझ सकेंगे।
9 मई की रात से शुरू होगा बड़ा बदलाव
बिजली विभाग के मुताबिक, 9 मई की रात से पूरे प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड सिस्टम में बदलने का काम शुरू किया जाएगा। विभाग का दावा है कि यह तकनीकी प्रक्रिया रातभर में पूरी कर ली जाएगी और 10 मई तक सभी मीटर नए सिस्टम पर काम करने लगेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, इस बदलाव के लिए उपभोक्ताओं को मीटर बदलवाने या किसी कर्मचारी को घर बुलाने की आवश्यकता नहीं होगी। पूरा काम तकनीकी तरीके से ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा।
अब ऐसे काम करेगा नया पोस्टपेड सिस्टम
नया सिस्टम लागू होने के बाद स्मार्ट मीटर पुराने पोस्टपेड बिजली मीटर की तरह काम करेंगे। महीने की 1 तारीख से 30 तारीख तक बिजली खपत का रिकॉर्ड तैयार होगा और इसके बाद अगले 10 दिनों के भीतर उपभोक्ताओं को SMS और WhatsApp के जरिए बिजली बिल भेज दिया जाएगा।
बिजली विभाग ने यह भी जानकारी दी है कि बिल जमा करने के लिए उपभोक्ताओं को 15 दिन का समय मिलेगा, जिससे लोगों को भुगतान करने में आसानी होगी।
बार-बार रिचार्ज कराने की परेशानी होगी खत्म
अब तक प्रीपेड स्मार्ट मीटर इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को बार-बार रिचार्ज कराना पड़ता था। बैलेंस खत्म होने पर बिजली कटने का डर बना रहता था। लेकिन पोस्टपेड सिस्टम लागू होने के बाद यह झंझट पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
इसके अलावा मीटर तेज चलने, बिना इस्तेमाल बैलेंस कटने और ज्यादा बिल आने जैसी शिकायतों में भी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मोबाइल नंबर अपडेट रखना जरूरी
बिजली विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से अपना मोबाइल नंबर अपडेट रखने की अपील की है, क्योंकि भविष्य में बिजली बिल सीधे मोबाइल पर भेजे जाएंगे। अगर किसी कारण से बिल प्राप्त नहीं होता है, तो उपभोक्ता चैटबॉट और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी अपना बिल देख सकेंगे।
उपभोक्ताओं को मिलेगी बड़ी राहत
प्रदेश में लागू होने जा रहा यह नया पोस्टपेड सिस्टम लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। इससे न सिर्फ बार-बार रिचार्ज कराने की परेशानी खत्म होगी, बल्कि बिल भुगतान प्रक्रिया भी पहले से ज्यादा आसान और पारदर्शी हो जाएगी।
