आज के समय में मर्दाना ताकत बढ़ाने, बिस्तर पर ज्यादा देर तक टिकने और स्टैमिना बढ़ाने वाले टॉनिक और कैप्सूल का बाजार तेजी से फैल रहा है। सोशल मीडिया, यूट्यूब और टीवी विज्ञापनों में इन्हें ऐसे दिखाया जाता है जैसे ये कुछ ही दिनों में चमत्कार कर देंगे। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग बिना डॉक्टर की सलाह के इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने लगते हैं। शुरुआत में इनका असर भले ही तेज दिखाई दे, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक ऐसे टॉनिक का सेवन शरीर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। कई मामलों में ये दवाएं शरीर के अंदर गंभीर बीमारियों की शुरुआत कर देती हैं, जिनका असर धीरे-धीरे सामने आता है।

दिल की बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा

डॉक्टरों के अनुसार, बाजार में मिलने वाले कई पावर टॉनिक शरीर में ब्लड फ्लो और हार्ट रेट को तेजी से प्रभावित करते हैं। इनमें मौजूद कुछ कैमिकल्स ब्लड प्रेशर को अचानक बढ़ा सकते हैं, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। कई लोगों को इन दवाओं के सेवन के बाद सीने में दर्द, तेज धड़कन, घबराहट और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं भी महसूस होती हैं। खासकर जिन लोगों को पहले से हाई बीपी, डायबिटीज या दिल से जुड़ी बीमारी है, उनके लिए ये टॉनिक और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं।

किडनी और लिवर पर पड़ता है सीधा असर

विशेषज्ञ बताते हैं कि कई अनरेगुलेटेड टॉनिक में स्टेरॉयड और भारी मात्रा में कैमिकल्स मिलाए जाते हैं। ये तत्व धीरे-धीरे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचाने लगते हैं। लगातार सेवन करने पर लिवर कमजोर होने लगता है और किडनी की फिल्टरिंग क्षमता प्रभावित हो सकती है। कई बार लोगों को शुरुआत में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन लंबे समय बाद गंभीर बीमारी सामने आती है। डॉक्टरों का कहना है कि बिना मेडिकल सलाह के ऐसी दवाओं का सेवन शरीर के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

हार्मोनल गड़बड़ी की हो सकती है समस्या

ऐसे टॉनिक शरीर के प्राकृतिक हार्मोन सिस्टम को भी प्रभावित करते हैं। शुरुआत में व्यक्ति को ताकत और ऊर्जा महसूस होती है, लेकिन समय के साथ शरीर इन दवाओं पर निर्भर होने लगता है। इससे प्राकृतिक क्षमता कमजोर पड़ सकती है और हार्मोनल असंतुलन पैदा होने लगता है। कई लोगों में थकान, कमजोरी, चिड़चिड़ापन और शरीर में बदलाव जैसी समस्याएं भी देखी गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना जांच के हार्मोन प्रभावित करने वाली दवाएं लेना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।

मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है असर

इन टॉनिक का असर सिर्फ शरीर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ सकता है। कई लोगों में ज्यादा इस्तेमाल के बाद तनाव, बेचैनी, घबराहट और डिप्रेशन जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। कुछ मामलों में व्यक्ति मानसिक रूप से इन दवाओं पर निर्भर भी हो जाता है और बिना दवा आत्मविश्वास की कमी महसूस करने लगता है। डॉक्टरों का कहना है कि यह स्थिति धीरे-धीरे मानसिक दबाव और रिश्तों में तनाव की वजह भी बन सकती है।

लाइफस्टाइल भी हो सकती है बड़ी वजह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, यौन कमजोरी या स्टैमिना की समस्या हमेशा किसी गंभीर बीमारी की वजह से नहीं होती। कई बार खराब लाइफस्टाइल, तनाव, नींद की कमी, गलत खानपान, धूम्रपान और शराब जैसी आदतें इसकी बड़ी वजह बनती हैं। ऐसे में लोग असली कारण समझने के बजाय सीधे टॉनिक का सहारा लेने लगते हैं, जो आगे चलकर नुकसान पहुंचा सकता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद शरीर को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ रखने में मदद करती है।

डॉक्टर की सलाह के बिना न लें कोई दवा

विशेषज्ञों का साफ कहना है कि इंटरनेट, सोशल मीडिया या विज्ञापन देखकर किसी भी पावर टॉनिक का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अगर लगातार कोई समस्या महसूस हो रही है, तो सबसे पहले डॉक्टर से जांच करानी जरूरी है। कई बार यह किसी दूसरी बीमारी का संकेत भी हो सकता है, जिसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। सही इलाज, हेल्दी लाइफस्टाइल और मेडिकल सलाह ही सुरक्षित और बेहतर विकल्प माने जाते हैं।