भारत में आज भी बड़ी संख्या में लोग गोरा दिखने की चाहत में फेयरनेस क्रीम, स्किन ट्रीटमेंट और महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर हजारों-लाखों रुपये खर्च कर देते हैं। लेकिन दुनिया के कई देशों में अब ट्रेंड बिल्कुल उल्टा हो चुका है। वहां लोग अपनी स्किन को जानबूझकर टैन यानी सांवला दिखाने के लिए मोटी रकम बहा रहे हैं। अमेरिका और यूरोप के कई हिस्सों में ‘टैन स्किन’ अब सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि स्टेटस सिंबल बन चुका है।

दरअसल, पश्चिमी देशों में हल्की ब्रॉन्ज या सुनहरी सांवली त्वचा को हेल्दी, फिट और लग्जरी लाइफस्टाइल से जोड़कर देखा जाता है। यही वजह है कि गर्मियां आते ही लोग बीच पर घंटों धूप सेंकते नजर आते हैं। कई लोग टैनिंग सैलून का सहारा लेते हैं, जहां खास यूवी लाइट्स और स्प्रे टैन तकनीक से त्वचा को डार्क ग्लो दिया जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक टैनिंग सेशन पर लोग 4 हजार से लेकर 17 हजार रुपये तक खर्च कर देते हैं, जबकि रेगुलर मेंटेनेंस के लिए सालभर में लाखों रुपये तक खर्च किए जाते हैं।

सोशल मीडिया और सेलिब्रिटीज ने बढ़ाया क्रेज

हॉलीवुड और फैशन इंडस्ट्री ने इस ट्रेंड को नई ऊंचाई दी है। सोशल मीडिया पर टैन स्किन को लेकर लाखों पोस्ट और वीडियो वायरल होते रहते हैं। कई इंटरनेशनल मॉडल्स और सेलिब्रिटीज ब्रॉन्ज लुक को प्रमोट करती दिखाई देती हैं। यही कारण है कि युवाओं में ‘सन-किस्ड स्किन’ तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

ब्यूटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि टैन स्किन चेहरे की फीचर्स को ज्यादा शार्प और ग्लोइंग दिखाती है। यही वजह है कि इंस्टाग्राम और फैशन इंडस्ट्री में इस लुक की डिमांड लगातार बढ़ रही है। अब कई कॉस्मेटिक ब्रांड्स भी खास टैनिंग प्रोडक्ट्स लॉन्च कर रहे हैं, जिनकी मार्केट वैल्यू करोड़ों में पहुंच चुकी है।

अमीरी और एक्टिव लाइफस्टाइल की पहचान बन रहा टैन लुक

विदेशों में टैनिंग को सिर्फ खूबसूरती नहीं बल्कि लक्जरी

लाइफस्टाइल से भी जोड़कर देखा जाता है। माना जाता है कि जो लोग बीच वेकेशन, आउटडोर एक्टिविटी और ट्रैवलिंग पर ज्यादा समय बिताते हैं, उनकी स्किन नेचुरली टैन होती है। इसी सोच ने टैन स्किन को ‘रिच लाइफस्टाइल’ की पहचान बना दिया है।

दिलचस्प बात यह है कि जहां भारत में लंबे समय से गोरे रंग को सुंदरता और सफलता से जोड़कर देखा जाता रहा है, वहीं पश्चिमी देशों में अब सांवली त्वचा को ज्यादा आकर्षक माना जा रहा है। यह ट्रेंड बताता है कि खूबसूरती की परिभाषा हर समाज और संस्कृति में अलग होती है और समय के साथ बदलती भी रहती है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स की चेतावनी

हालांकि डॉक्टर और स्किन एक्सपर्ट लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि जरूरत से ज्यादा टैनिंग त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है। लंबे समय तक तेज यूवी किरणों के संपर्क में रहने से समय से पहले झुर्रियां, स्किन डैमेज और यहां तक कि स्किन कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। इसके बावजूद सोशल मीडिया और फैशन इंडस्ट्री के प्रभाव के चलते यह ट्रेंड तेजी से बढ़ता जा रहा है।