मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। घाटकोपर पूर्व के पंतनगर इलाके में रहने वाली 43 वर्षीय एक महिला स्कूल प्रशासक गूगल पर बैंक का कस्टमर केयर नंबर खोजने के दौरान साइबर अपराधियों के जाल में फंस गईं। आरोप है कि फर्जी कस्टमर केयर नंबर के जरिए ठगों ने खुद को बैंक प्रतिनिधि बताकर महिला को झांसे में लिया और उनके आईडीएफसी फर्स्ट बैंक खाते से 4.74 लाख रुपये निकाल लिए। मामले की शिकायत मिलने के बाद पंतनगर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बैंक से पैसे कटने के बाद खोजा था हेल्पलाइन नंबर
एफआईआर के अनुसार, महिला के मोबाइल पर बैंक खाते से राशि कटने का संदेश मिला। इसके बाद उन्होंने सहायता के लिए आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के कस्टमर केयर नंबर को गूगल पर खोजा। खोज के दौरान मिले एक नंबर पर उन्होंने संपर्क किया, जहां फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताया।
बताया गया कि इसी बातचीत के दौरान साइबर अपराधियों ने महिला को अपने झांसे में ले लिया। इसके बाद 29 जून से 7 जुलाई के बीच अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से उनके बैंक खाते से लाखों रुपये निकाल लिए गए।
छह ट्रांजैक्शन में खाते से निकाले गए 4.74 लाख
पुलिस के अनुसार, साइबर ठगों ने महिला के खाते से कुल छह ट्रांजैक्शन किए। इन लेनदेन में क्रमशः 50 हजार रुपये, 46 हजार रुपये, 98 हजार रुपये, 97 हजार रुपये, 97 हजार रुपये और 86 हजार रुपये निकाले गए। इस तरह कुल 4.74 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।
पुलिस अब इन ट्रांजैक्शन से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
पीड़िता ने बैंक खाता कराया ब्लॉक
महिला ने पुलिस को बताया कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, यूपीआई पिन, एमपिन, पासवर्ड, डेबिट कार्ड की जानकारी या इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ी कोई गोपनीय सूचना साझा नहीं की थी। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने तुरंत बैंक से संपर्क कर अपना खाता ब्लॉक कराया ताकि आगे किसी और लेनदेन को रोका जा सके।
इसके बाद उन्होंने 1930 साइबर हेल्पलाइन और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
शिकायत के आधार पर पंतनगर पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस साइबर अपराधियों की पहचान करने और ठगी गई रकम की बरामदगी के लिए जांच में जुटी हुई है।
साइबर ठगी से बचने के लिए बरतें ये सावधानियां
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि साइबर अपराधी गूगल पर उपलब्ध फर्जी कस्टमर केयर नंबरों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे मामलों से बचने के लिए किसी भी बैंक, वित्तीय संस्था या कंपनी का हेल्पलाइन नंबर केवल उसकी आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप, बैंक पासबुक या आधिकारिक दस्तावेजों से ही प्राप्त करें।
इसके अलावा ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड, सीवीवी, एमपिन या अन्य बैंकिंग जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। यदि किसी भी प्रकार का संदिग्ध लेनदेन दिखाई दे तो बिना देरी किए संबंधित बैंक से संपर्क करें और 1930 साइबर हेल्पलाइन तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
