
मोतिहारी
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को मोतिहारी में किसान समृद्धि सम्मेलन एवं बुद्धिजीवी, श्रमजीवी, समाजसेवी सम्मान समारोह का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने मोतिहारी और चंपारण के विकास को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बरियारपुर एयरपोर्ट के समीप मेडिकल कॉलेज की स्थापना की दिशा में काम किया जाएगा। करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से अटल कला भवन का निर्माण भी मोतिहारी में कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह भवन क्षेत्र में कला और सांस्कृतिक गतिविधियों को नया मंच देगा।
मुख्यमंत्री ने मोतिहारी की पुरानी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने की दिशा में काम किए जाने की बात कही। साथ ही नई चीनी मिल स्थापित करने का भी ऐलान किया। इससे क्षेत्र के गन्ना किसानों को स्थानीय स्तर पर बाजार और रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।
चंपारण में एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में भी सरकार काम करेगी। मुख्यमंत्री ने रक्सौल और वाल्मीकिनगर में एयरपोर्ट तथा मुजफ्फरपुर में एयरपोर्ट के विकास का उल्लेख करते हुए बरियारपुर में रात्रिकालीन हेलीकॉप्टर लैंडिंग के लिए ATC व्यवस्था विकसित करने का प्रयास करने की बात कही।
700 केंद्रों पर JEE-NEET की तैयारी
मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ी योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिहार के विद्यार्थियों को JEE और NEET की तैयारी के लिए पटना, दिल्ली या कोटा जाने की जरूरत न पड़े, इसके लिए करीब 700 केंद्रों पर लगभग 3 लाख बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने की योजना पर काम चल रहा है। डिजिटल माध्यम से जरूरत पड़ने पर विद्यार्थियों को रात में भी शिक्षकों की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई।
मुख्यमंत्री ने 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में करीब 1.90 करोड़ घरेलू बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें लगभग 1.70 करोड़ परिवारों का पिछले एक वर्ष से बिजली बिल शून्य आया है।
महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर उन्होंने स्कूल-कॉलेजों के आसपास 'पुलिस दीदी' व्यवस्था का भी उल्लेख किया और बताया कि इसके लिए करीब 1,000 टीमों का गठन किया गया है।
कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, सांसद राधा मोहन सिंह, केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, कला, संस्कृति एवं युवा सह खान एवं भूतत्व मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चंपारण के पांच प्रगतिशील किसानों को कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी किया।
