पकड़े जाने पर पुलिस से माफी मांगते युवक। - फोटो : अमर उजालापकड़े जाने पर पुलिस से माफी मांगते युवक। - फोटो : अमर उजाला

स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर देश भर में सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी कर दी जाती है. इसी कड़ी में धर्मनगरी वाराणसी में 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत निकाली जा रही तिरंगा यात्रा के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहाँ सुरक्षा में तैनात मुस्तैद पुलिस कर्मियों ने मलदहिया चौराहे के पास स्कूटी पर सवार दो संदिग्धों को रोका. इनमें से पीछे बैठे युवक ने महिलाओं की तरह बुर्का पहन रखा था. पुलिस ने जब शक के आधार पर स्कूटी रुकवाई और जांच की, तो बुर्के के पीछे का सच देखकर हर कोई हैरान रह गया.

रील और प्रैंक वीडियो के चक्कर में फंसा युवाओं का भविष्य

पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि बुर्का पहनकर जा रहे दोनों युवक कोई अपराधी या असामाजिक तत्व नहीं, बल्कि इंटरमीडिएट के छात्र हैं. इनमें से एक छात्र ने सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज बटोरने के लिए अपनी मां का बुर्का पहन लिया था. दोनों युवक इमलिया घाट की तरफ जा रहे थे और उनका मकसद स्वतंत्रता दिवस के माहौल के बीच एक प्रैंक वीडियो और रील बनाना था. आजकल के युवाओं में सोशल मीडिया पर रातों-रात मशहूर होने का जो भूत सवार है, यह घटना उसी का एक और गंभीर उदाहरण पेश करती है.

पुलिस की त्वरित जांच और परिजनों को बुलावा

नकाब हटते ही जब पुलिस को पता चला कि बुर्के के अंदर एक युवक छिपा है, तो सुरक्षा कारणों से सिगरा थाना पुलिस तुरंत हरकत में आ गई. थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम दोनों छात्रों को हिरासत में लेकर थाने आई, जहाँ उनसे गहन पूछताछ की गई. पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती और तुरंत उनके परिजनों को भी थाने तलब किया. परिजनों के सामने ही छात्रों की इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत पर उन्हें कड़ी फटकार लगाई गई.

सुरक्षा से खिलवाड़ पर प्रशासन का सख्त रुख

राष्ट्रीय पर्व के मौके पर इस तरह की संदेहास्पद हरकत को वाराणसी पुलिस ने बेहद गंभीरता से लिया है. पूरी जांच-पड़ताल और छात्रों की पहचान की पुष्टि करने के बाद ही पुलिस ने आगे की कार्रवाई की. हालांकि छात्रों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला, लेकिन कानून व्यवस्था और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के आरोप में पुलिस ने उनकी स्कूटी को तुरंत सीज कर दिया. इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सोशल मीडिया की सनक में आकर देश की सुरक्षा और शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.