विधायक राजू कुमार सिंह से जुड़ी सांकेतिक तस्वीर। | Source: Social media

विधायक राजू कुमार सिंह से जुड़ी सांकेतिक तस्वीर।Source : Social media

बिहार की राजनीति से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने हर्ष फायरिंग मामले में भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को चार साल की सजा सुनाई है। यह मामला साल 2018 का है, जब कथित तौर पर उनकी हर्ष फायरिंग के दौरान चली गोली से एक महिला की मौत हो गई थी। अदालत ने सजा सुनाने के साथ ही मृतका के परिवार को मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। इस फैसले के बाद राजू कुमार सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

2018 के हर्ष फायरिंग मामले में सुनाई गई सजा

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 18 दिसंबर 2018 के हर्ष फायरिंग मामले में भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को चार साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने माना कि इस घटना में चली गोली से एक महिला की मौत हुई थी। साथ ही अदालत ने मृतका के पति को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है।

बचाव पक्ष ने कोर्ट से लगाई थी नरमी की गुहार

सुनवाई के दौरान विधायक की ओर से पेश वकील ने अदालत से सजा में राहत देने की अपील की। उन्होंने दलील दी कि राजू कुमार सिंह के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं, लेकिन किसी भी मामले में अब तक उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया था। वकील ने यह भी कहा कि कई मामले राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण दर्ज हुए, जबकि कुछ मामलों में पुलिस ने चार्जशीट तक दाखिल नहीं की।

सदस्यता पर भी मंडरा सकता है खतरा

बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि राजू कुमार सिंह छह बार विधायक चुने जा चुके हैं और दो साल से अधिक की सजा मिलने पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता पर असर पड़ सकता है। इसी आधार पर अदालत से सुधार का एक अवसर देने की मांग की गई थी, लेकिन कोर्ट ने चार साल की सजा सुनाई।

परिवार के राजनीतिक योगदान का भी दिया गया हवाला

विधायक के वकील ने यह भी कहा कि उनका परिवार लंबे समय से सार्वजनिक जीवन और राजनीति से जुड़ा रहा है। वर्ष 2009 से पहले उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था। उन्होंने अदालत को बताया कि राजू कुमार सिंह की पत्नी रेनू सिंह विधान परिषद की सदस्य रह चुकी हैं, जबकि उनके पिता करीब दस वर्षों तक गांव के मुखिया रहे थे।फिलहाल कोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर इस मामले को लेकर आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।