नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के एक भाषण का वीडियो सामने आने के बाद राजधानी की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने मुख्यमंत्री पर भगवान श्रीराम का अपमान करने का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि रोहिणी और आजादपुर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचीं मुख्यमंत्री ने रामलीला समारोह में बोलते समय ऐसी गलती की, जिससे उनके बयान का अर्थ बदल गया। इस मामले को लेकर AAP की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है।
हालांकि, उपलब्ध समाचार विवरण के अनुसार, विवाद का केंद्र मुख्यमंत्री के भाषण का वह हिस्सा है, जिसमें उन्होंने रावण के संदर्भ में बात करते हुए कथित तौर पर राम का नाम ले लिया। इस बयान को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। मुख्यमंत्री की ओर से इस विवाद पर कोई प्रतिक्रिया दिए जाने की जानकारी उपलब्ध समाचार विवरण में नहीं है।
तीन धार्मिक आयोजनों में शामिल हुई थीं मुख्यमंत्री
जानकारी के अनुसार, मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में आयोजित तीन धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया था। इनमें रोहिणी में ‘सनातन संस्कारम्’ सोसायटी का गरबा महोत्सव, रोहिणी में ही श्री रामलीला कमेटी की रामलीला और आजादपुर के केवल पार्क में श्री आदर्श कला केंद्र की ओर से आयोजित रामलीला शामिल थी।
इन्हीं कार्यक्रमों में से आजादपुर के केवल पार्क स्थित रामलीला समारोह में दिए गए भाषण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया। वीडियो में मुख्यमंत्री मंच से संबोधित करती दिखाई देती हैं। इसी दौरान उनके मुंह से कथित तौर पर ऐसा वाक्य निकलता है, जिसमें रावण के स्थान पर राम का नाम आ जाता है। इस कथित जुबानी चूक को लेकर आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाए हैं और इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री की आलोचना की है।
वीडियो में क्या कहती नजर आ रही हैं रेखा गुप्ता?
सोशल मीडिया पर साझा की गई वीडियो क्लिप में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “इसलिए जब तक हर एक राम मारा ना जाए, समाज पूरी तरीके से साफ सुथरा ना हो जाए...” इसी कथित बयान को लेकर विवाद खड़ा हुआ है।
AAP का आरोप है कि मुख्यमंत्री के इस कथन से भगवान श्रीराम के प्रति अपमानजनक अर्थ निकलता है। हालांकि, पार्टी की ओर से साझा की गई क्लिप को लेकर विवाद के बीच पूरे भाषण का संदर्भ भी महत्वपूर्ण है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, मुख्यमंत्री रावण और समाज को बुराइयों से मुक्त करने के संदर्भ में अपनी बात रख रही थीं, लेकिन बोलते समय राम और रावण के नाम को लेकर कथित गलती हो गई।
इसलिए बयान को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरे भाषण और उसके संदर्भ को देखना जरूरी है। फिलहाल, सामने आई क्लिप के आधार पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री पर लगाया ईशनिंदा का आरोप
आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री के वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “सीएम रेखा गुप्ता ने की ईशनिंदा। सीएम रेखा गुप्ता कह रही हैं- 'जब तक हर एक राम मारा ना जाए, समाज साफ सुथरा ना हो जाए'।”
भारद्वाज ने इस कथित बयान को लेकर मुख्यमंत्री की आलोचना की और इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताया। उनके आरोपों के बाद यह वीडियो राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया। हालांकि, ईशनिंदा का आरोप आम आदमी पार्टी की राजनीतिक प्रतिक्रिया है; उपलब्ध समाचार विवरण में इस संबंध में किसी कानूनी कार्रवाई या आधिकारिक निष्कर्ष की जानकारी नहीं दी गई है।
AAP ने भाजपा पर भी साधा निशाना
इस मामले में आम आदमी पार्टी ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर भी वीडियो साझा किया। पार्टी ने मुख्यमंत्री की कथित जुबानी चूक को लेकर कड़ी टिप्पणी की और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा।
AAP ने अपनी पोस्ट में लिखा, “आज हर सनातनी और राम भक्त को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर शर्म आ रही है। यह बेशर्मी की हद है और राम-द्रोही BJP की असली सोच को दिखाता है। आपको शर्म आनी चाहिए।”
पार्टी की इस टिप्पणी से स्पष्ट है कि उसने मुख्यमंत्री के बयान को केवल भाषण के दौरान हुई गलती तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे भाजपा की विचारधारा पर हमला करने के अवसर के रूप में भी इस्तेमाल किया। दूसरी ओर, इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री की ओर से स्पष्टीकरण सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में विवाद के सभी पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
रामलीला समारोह में शामिल होने के बाद सामने आया वीडियो
यह घटना मंगलवार रात आजादपुर के केवल पार्क इलाके में श्री आदर्श कला केंद्र की ओर से आयोजित रामलीला महोत्सव के दौरान हुई बताई गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने पहुंची थीं। कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए एक भाजपा नेता ने भी सोशल मीडिया पर आयोजन और भगवान श्रीराम के आदर्शों का उल्लेख किया था।
भाजपा नेता ने अपनी पोस्ट में लिखा, “श्री आदर्श कला केंद्र, केवल पार्क द्वारा आयोजित भव्य श्री रामलीला महोत्सव में सम्मिलित होकर प्रभु श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा एवं हमारी गौरवशाली सनातन संस्कृति से जुड़ने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। प्रभु श्रीराम की दिव्य लीलाओं का साक्षी बनना एक अद्भुत एवं आध्यात्मिक अनुभूति रही।”
उन्होंने आगे लिखा, “प्रभु श्रीराम का जीवन हमें सत्य, धर्म, मर्यादा, त्याग एवं कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन हमारी सनातन परंपराओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपने संस्कारों एवं मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। प्रभु श्रीराम की कृपा समस्त क्षेत्रवासियों पर बनी रहे तथा सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं सद्भाव का संचार हो, यही मंगल कामना है।”
बयान को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस
दिल्ली की मुख्यमंत्री के भाषण का वीडियो सामने आने के बाद धार्मिक आस्था, सार्वजनिक मंचों पर दिए जाने वाले बयानों और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी ने इस कथित गलती को भगवान श्रीराम के अपमान से जोड़ते हुए भाजपा पर हमला बोला है। पार्टी के नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
वहीं, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि मुख्यमंत्री ने इस कथित जुबानी चूक को लेकर कोई सफाई दी है या नहीं। वीडियो का पूरा संदर्भ, मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और दूसरे संबंधित पक्षों के बयान इस विवाद को समझने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
