Source: NDTV

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ज्योतिर्मठ पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के श्रावस्ती दौरे से पहले विवाद खड़ा हो गया है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आज यानी 14 जुलाई को भिनगा में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं, लेकिन इससे पहले पुलिस प्रशासन ने उन्हें नोटिस जारी कर दिया है।

प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का हवाला देते हुए कार्यक्रम के दौरान तय नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। इस कार्रवाई के बाद शंकराचार्य के समर्थकों में नाराजगी देखने को मिल रही है।बताया जा रहा है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एक दिवसीय दौरे पर श्रावस्ती पहुंच रहे हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि कार्यक्रम के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जरूरी एहतियात बरते जा रहे हैं।

नोटिस से समर्थकों में नाराजगी

पुलिस प्रशासन की ओर से जारी नोटिस के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थकों, संतों और श्रद्धालुओं में नाराजगी देखी जा रही है। समर्थकों का कहना है कि धार्मिक कार्यक्रम में किसी तरह की बेवजह रुकावट नहीं डाली जानी चाहिए। इस पूरे मामले को लेकर जिले में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

आयोजकों ने प्रशासन के कदम पर उठाए सवाल

कार्यक्रम के मुख्य आयोजक डॉ. आर.के. मिश्रा ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को इकौना स्थित डॉ. आर.के. हॉस्पिटल में चरण पादुका पूजन और दर्शन का विशेष आयोजन होना है, जिसकी जानकारी प्रशासन को पहले ही दे दी गई थी। उनका कहना है कि यह पूरी तरह धार्मिक कार्यक्रम है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने नोटिस भेजकर आयोजन की अनुमति को लेकर सवाल उठाए हैं।

आयोजकों ने कहा कि यह कार्यक्रम एक निजी अस्पताल के परिसर में होना था। उनका कहना है कि निजी जगह पर धार्मिक कार्यक्रम करने के लिए किसी अनुमति की जरूरत नहीं होती और इससे कानून-व्यवस्था पर भी कोई असर नहीं पड़ता। इसके बावजूद पुलिस ने नियमों का हवाला देकर कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाए, जिससे लोगों में नाराजगी है।

डॉ. आर.के. मिश्रा ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि प्रशासन इस कार्यक्रम में रुकावट डालना चाहता है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में कोई राजनीति नहीं चाहते, बल्कि सिर्फ इतना चाहते हैं कि शंकराचार्य उनके यहां आएं और सभी लोगों को उनका आशीर्वाद मिले।