देश के प्रधानमंत्री की SPG की कमान संभालेंगे IPS अमित कुमार केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा का सबसे संवेदनशील और रणनीतिक हिस्सा मानी जाती है। ऐसे में जब इस सुरक्षा व्यवस्था की कमान बदलती है, तो यह सिर्फ एक प्रशासनिक नियुक्ति नहीं बल्कि पूरे सुरक्षा तंत्र में बड़ा बदलाव माना जाता है। केंद्र सरकार ने बिहार कैडर के वरिष्ठ IPS अधिकारी अमित कुमार को स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) का नया डायरेक्टर नियुक्त करने की मंजूरी देकर देश की सबसे हाई-प्रोफाइल सुरक्षा एजेंसी की जिम्मेदारी एक अनुभवी अधिकारी के हाथों में सौंप दी है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब वीवीआईपी सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियां लगातार जटिल होती जा रही हैं।
SPG की कमान संभालेंगे IPS अमित कुमार
बिहार कैडर से SPG तक: अमित कुमार का लंबा और अहम सुरक्षा सफर
1994 बैच के बिहार कैडर के IPS अधिकारी अमित कुमार लंबे समय से आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी अभियानों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नेतृत्वकारी भूमिका निभाते रहे हैं। SPG की कमान मिलने से पहले वे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में स्पेशल डायरेक्टर जनरल (Special DG) के रूप में कार्यरत थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई संवेदनशील सुरक्षा अभियानों की रणनीति तैयार की और उन्हें सफलतापूर्वक लागू किया। उनके अनुभव, प्रशासनिक क्षमता और सुरक्षा मामलों की गहरी समझ को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें देश की सबसे प्रतिष्ठित सुरक्षा एजेंसी का नेतृत्व सौंपने का निर्णय लिया है।
OSD के तौर पर होगी शुरुआत, फिर संभालेंगे पूरी जिम्मेदारी
कैबिनेट की अपॉइंटमेंट कमिटी (ACC) के आदेश के अनुसार अमित कुमार तत्काल प्रभाव से 'ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी' (OSD) के रूप में SPG से जुड़ेंगे। इस दौरान वे एजेंसी की कार्यप्रणाली, सुरक्षा प्रोटोकॉल और परिचालन तंत्र को नजदीक से समझेंगे। मौजूदा SPG प्रमुख आलोक शर्मा का कार्यकाल 31 मार्च 2027 तक है। उनके कार्यकाल की समाप्ति के बाद अमित कुमार पूर्णकालिक डायरेक्टर के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे। इस संवेदनशील पद की प्रकृति को देखते हुए सरकार ने इसे अस्थायी रूप से पे-मैट्रिक्स के लेवल-16 तक अपग्रेड भी किया है, जो इसकी अहमियत को दर्शाता है।
आलोक शर्मा के बाद नई रणनीति, नई जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश कैडर के 1991 बैच के IPS अधिकारी आलोक शर्मा वर्तमान में SPG के डायरेक्टर हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक, बेहतर समन्वय और बहुस्तरीय सुरक्षा ढांचे के साथ मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब अमित कुमार उनके उत्तराधिकारी के रूप में इस विरासत को आगे बढ़ाएंगे। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक और घरेलू सुरक्षा परिदृश्य में SPG प्रमुख की भूमिका पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। ऐसे में नए नेतृत्व से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की उम्मीद की जा रही है।
क्या है SPG और क्यों सबसे अहम मानी जाती है इसकी कमान?
स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) की स्थापना वर्ष 1988 में SPG Act के तहत की गई थी। यह भारत की सबसे विशिष्ट और अत्याधुनिक सुरक्षा एजेंसी है, जिसका मुख्य दायित्व प्रधानमंत्री की क्लोज-प्रोटेक्शन सुरक्षा सुनिश्चित करना है। परिस्थितियों के अनुसार यह पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके पात्र परिवार के सदस्यों को भी सुरक्षा प्रदान करती रही है। SPG के कमांडो अत्याधुनिक हथियारों, हाई-टेक निगरानी प्रणाली, इंटेलिजेंस इनपुट और विशेष प्रशिक्षण से लैस होते हैं। यही कारण है कि SPG के डायरेक्टर का पद केवल एक प्रशासनिक नियुक्ति नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था के सबसे भरोसेमंद और जिम्मेदारी भरे पदों में से एक माना जाता है। अमित कुमार की नियुक्ति इस दिशा में केंद्र सरकार का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक फैसला मानी जा रही है।
