संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शरद पवार और सुप्रिया सुले की मुलाकात। | Source: Chrome

संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शरद पवार और सुप्रिया सुले की मुलाकात।Source : Chrome

दिल्ली में छात्र आंदोलन और विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों के बीच संसद परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार की मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। इस दौरान एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले भी मौजूद रहीं। मुलाकात ऐसे समय हुई है जब परिसीमन और मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर देश की राजनीति गरमाई हुई है।

संसद में हुई अहम मुलाकात

बुधवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शरद पवार के बीच मुलाकात हुई। बैठक में सुप्रिया सुले भी शामिल रहीं। हालांकि दोनों पक्षों की ओर से बातचीत के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई, लेकिन इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

परिसीमन पर पहले ही दे चुकी हैं संकेत

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब सुप्रिया सुले ने हाल ही में परिसीमन को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि यदि सभी राज्यों में समान रूप से सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव आता है, तो उनकी पार्टी उस पर सकारात्मक रुख अपना सकती है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि इस विषय पर अंतिम निर्णय इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों से चर्चा के बाद ही लिया जाएगा।

छात्र आंदोलन के समर्थन में भी दिखी थी मौजूदगी

इससे पहले शरद पवार और सुप्रिया सुले छात्र आंदोलन से जुड़े कार्यक्रम में भी पहुंचे थे। दिल्ली में विपक्षी नेताओं और छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया के जरिए नाराजगी जताई थी। उन्होंने विपक्षी नेताओं के साथ हुए व्यवहार पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया था।

PMO ने साझा की मुलाकात की तस्वीरें

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कीं। पोस्ट में बताया गया कि राज्यसभा सांसद शरद पवार और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। तस्वीरों के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

सियासी अटकलों का दौर तेज

पिछले कुछ समय से महाराष्ट्र की राजनीति में यह चर्चा चल रही है कि एनसीपी (शरद पवार गुट) के भविष्य की रणनीति क्या होगी। ऐसे में प्रधानमंत्री और शरद पवार की यह मुलाकात कई सवाल खड़े कर रही है। हालांकि, अब तक किसी भी पक्ष ने इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक बदलाव या किसी संभावित गठबंधन से जुड़ा कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

बैठक को लेकर परिसीमन, छात्र आंदोलन या अन्य राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की अटकलें जरूर लगाई जा रही हैं, लेकिन इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, जबकि इसके राजनीतिक मायनों पर चर्चाएं लगातार जारी हैं।