
मन की बात में पीएम मोदी ने विज्ञान, खेल, संस्कृति और विरासत से जुड़े अहम मुद्दों पर बात की. Source : Aaj Tak
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देश को संबोधित करते हुए एक बेहद प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अगर इंसान के पास हुनर हो और दिल में कुछ कर गुजरने का सच्चा जज्बा हो, तो बड़ी से बड़ी और कठिन राह भी बेहद आसान हो जाती है। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देश के कोने-कोने से जुड़ी ऐसी जमीनी कहानियों और सफल पहलों का जिक्र किया, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने हुनर, नए विचारों और मजबूत इरादों के दम पर एक मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि ऐसे जमीनी प्रयास सिर्फ किसी एक व्यक्ति की सफलता नहीं हैं, बल्कि ये विकसित और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में अहम योगदान दे रहे हैं।
कश्मीरी हस्तशिल्प से लेकर स्पेस टेक्नोलॉजी तक, भारतीय युवाओं के हुनर को सराहा
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीनगर के रहने वाले गुलाम हुसैन और उनकी बेटी तंजीला की खास तौर पर तारीफ की, जो कश्मीर की पुरानी और पारंपरिक ‘वगू चटाई’ (Vagoo Mat) कला को दोबारा जीवित करने में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि किस तरह खत्म होने की कगार पर पहुँच चुकी इस प्राचीन कला को नए दौर की जरूरतों के हिसाब से ढालकर न सिर्फ बचाया गया, बल्कि इससे रोजगार के नए मौके भी पैदा हो रहे हैं।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने साइंस और स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत की छलांग का जिक्र करते हुए प्राइवेट सेक्टर द्वारा तैयार किए गए ‘विक्रम-1’ रॉकेट और इंटरनेशनल साइंस ओलंपियाड में देश के बच्चों के शानदार प्रदर्शन की खूब सराहना की। उन्होंने गर्व से कहा कि आज हमारे देश के युवाओं का टैलेंट दुनिया के कोने-कोने में भारत का परचम लहरा रहा है।
खेल की दुनिया, सेना का शौर्य और जनभागीदारी बनेगी विकसित भारत की पहचान
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने खेल की दुनिया में भारतीय एथलीट्स के बेहतरीन प्रदर्शन की दिल खोलकर तारीफ की। इसके साथ ही कारगिल विजय दिवस के मौके पर उन्होंने देश के शूरवीरों और भारतीय सेना के अदम्य साहस को नमन करते हुए कहा कि चाहे कैसी भी विषम परिस्थितियां हों, हमारे जवान देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए हमेशा सीना ताने खड़े रहते हैं।
पीएम मोदी ने पर्यावरण और जल संरक्षण से जुड़े 'एक पेड़ मां के नाम' और 'कैच द रेन' जैसे बड़े अभियानों में आम लोगों की बढ़ती भागीदारी पर खुशी जताई और सभी से इसमें आगे आने की अपील की। उन्होंने वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत के विचार को मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि जब देश का हर व्यक्ति अपनी क्षमता और हुनर का इस्तेमाल देश को आगे बढ़ाने में करेगा, तभी एक सशक्त और विकसित भारत का निर्माण संभव हो सकेगा।
