संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने देशभर में पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने संसद में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज़ सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया जा रहा है। खड़गे ने कहा कि देश का युवा रोजगार और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने के बजाय दमन का रास्ता अपना रही है।
संसद में अपने संबोधन के दौरान खड़गे ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं, लेकिन सरकार उनके साथ संवाद करने के बजाय पुलिस कार्रवाई का सहारा ले रही है। खड़गे ने कहा कि जंतर-मंतर पर बैठे छात्रों पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए।
इसके साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी सरकार की आलोचना करते हुए लिखा कि देश का युवा न्याय और पारदर्शिता की मांग कर रहा है, लेकिन उसकी आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष छात्रों के साथ खड़ा है और संसद के भीतर भी इस मुद्दे को मजबूती से उठाता रहेगा।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस अध्यक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है और वहां किसी भी प्रकार का लाठीचार्ज या बल प्रयोग नहीं किया गया। पुलिस के मुताबिक, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात हैं और प्रदर्शनकारियों को निर्धारित नियमों के तहत अपनी बात रखने की अनुमति दी गई है। पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट दावों और अफवाहों पर भरोसा न करने तथा केवल आधिकारिक जानकारी पर विश्वास करने की अपील की है।
पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर देशभर में छात्रों के बीच नाराजगी बनी हुई है। ऐसे में मानसून सत्र के पहले दिन यह मुद्दा संसद से लेकर सड़कों तक गूंजता रहा। अब इस पूरे मामले पर सरकार की ओर से विस्तृत जवाब और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
