
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तला-भुना और ऑयली खाना लोगों की आदत बनता जा रहा है। सुबह के नाश्ते से लेकर शाम के स्नैक्स तक, समोसे, पकौड़े, फ्रेंच फ्राइज, चिप्स, बर्गर और बाहर का मसालेदार खाना लोगों की पहली पसंद बन चुका है। स्वाद भले ही अच्छा लगे, लेकिन जरूरत से ज्यादा तेल शरीर को धीरे-धीरे अंदर से नुकसान पहुंचाने लगता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि लंबे समय तक ज्यादा ऑयली फूड खाने से मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, हार्ट डिजीज और पेट से जुड़ी कई परेशानियां बढ़ सकती हैं। अच्छी बात यह है कि अगर खाने में तेल की मात्रा थोड़ी भी कम कर दी जाए, तो शरीर पर इसका पॉजिटिव असर कुछ ही समय में दिखने लगता है।
ज्यादा तेल खाने से शरीर पर क्या असर पड़ता है?
तेजी से बढ़ सकता है वजन
तेल में कैलोरी की मात्रा काफी ज्यादा होती है। जब खाना ज्यादा तेल में पकाया जाता है, तो शरीर जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेने लगता है। यह अतिरिक्त कैलोरी फैट के रूप में शरीर में जमा होने लगती है, जिससे धीरे-धीरे वजन बढ़ने लगता है। खासकर डीप फ्राइड चीजें जैसे समोसे, पूड़ी, चिप्स और फ्रेंच फ्राइज मोटापे का बड़ा कारण बन सकती हैं। कई लोग रोजाना ऑयली खाना खाते हैं लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं होता कि यही आदत आगे चलकर मोटापा और कई बीमारियों की वजह बन रही है।
दिल की सेहत पर पड़ता है बुरा असर
बहुत ज्यादा तेल वाला खाना शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल यानी LDL बढ़ा सकता है। जब खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, तो नसों में फैट जमा होने लगता है। इससे ब्लड फ्लो प्रभावित हो सकता है और हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। खासकर बार-बार गर्म किए गए तेल में बना खाना दिल के लिए ज्यादा नुकसानदायक माना जाता है। डॉक्टर भी सलाह देते हैं कि ऑयली और प्रोसेस्ड फूड का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
पेट और पाचन से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं
बहुत ज्यादा तला-भुना खाना खाने के बाद अक्सर लोगों को पेट भारी लगना, गैस बनना, एसिडिटी और जलन जैसी समस्याएं होने लगती हैं। ऑयली फूड को पचाने में शरीर को ज्यादा समय लगता है, जिससे डाइजेशन स्लो हो जाता है। कई बार लगातार ऐसा खाना खाने से कब्ज और अपच की परेशानी भी शुरू हो सकती है। जिन लोगों का पाचन पहले से कमजोर है, उनके लिए ज्यादा तेल वाला खाना और भी नुकसानदायक साबित हो सकता है।
बढ़ सकता है डायबिटीज का खतरा
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ज्यादा ऑयली और जंक फूड खाने से मोटापा तेजी से बढ़ता है और यही आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज की वजह बन सकता है। तले-भुने खाने में मौजूद अनहेल्दी फैट शरीर की इंसुलिन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। अगर खानपान लंबे समय तक असंतुलित रहे, तो ब्लड शुगर लेवल भी बिगड़ सकता है। इसलिए हेल्दी डाइट और कम तेल वाला खाना डायबिटीज से बचाव में मददगार माना जाता है।
स्किन पर भी दिख सकता है असर
बहुत ज्यादा ऑयली और मसालेदार खाना खाने का असर त्वचा पर भी दिखाई देने लगता है। कुछ लोगों में पिंपल्स, ऑयली स्किन और चेहरे पर सूजन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। जब शरीर में अनहेल्दी फैट और टॉक्सिन बढ़ते हैं, तो उसका असर स्किन हेल्थ पर भी पड़ता है। हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट लेने से त्वचा ज्यादा साफ और ग्लोइंग बनी रह सकती है।
शरीर में बढ़ सकती है सुस्ती और थकान
ज्यादा तला-भुना खाना खाने के बाद कई लोगों को आलस और सुस्ती महसूस होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि शरीर को भारी और ऑयली खाना पचाने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे एनर्जी लेवल कम महसूस हो सकता है। वहीं हल्का और कम तेल वाला खाना शरीर को ज्यादा एक्टिव और फ्रेश महसूस कराने में मदद करता है।
अगर तेल कम कर दें तो क्या फायदे मिल सकते हैं?
वजन कंट्रोल में रहने लगता है
जब खाने में तेल कम होता है, तो शरीर में एक्स्ट्रा कैलोरी जमा नहीं होती। इससे धीरे-धीरे वजन संतुलित रहने लगता है और मोटापे का खतरा कम हो सकता है। साथ ही शरीर हल्का महसूस होता है।
दिल ज्यादा हेल्दी रह सकता है
कम तेल खाने से कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। इससे हार्ट डिजीज और हाई बीपी जैसी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है।
डाइजेशन बेहतर होता है
हल्का और कम ऑयली खाना पेट आसानी से पचा लेता है। इससे गैस, एसिडिटी, पेट दर्द और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं। लोग खुद को ज्यादा आरामदायक महसूस करते हैं।
शरीर में एनर्जी बनी रहती है
कम तेल वाला संतुलित भोजन शरीर को भारी महसूस नहीं होने देता। इससे पूरे दिन एक्टिव रहने में मदद मिलती है और थकान कम महसूस होती है।
त्वचा और लाइफस्टाइल दोनों बेहतर हो सकते हैं
हेल्दी खाना सिर्फ शरीर ही नहीं बल्कि स्किन और ओवरऑल लाइफस्टाइल को भी बेहतर बनाने में मदद करता है। कम तेल वाली डाइट अपनाने से शरीर अंदर से ज्यादा फिट महसूस करता है।
तेल कम करने के आसान और असरदार तरीके
डीप फ्राई की जगह ग्रिल, बेक या स्टीम फूड अपनाएं
सब्जी बनाते समय तेल को नापकर इस्तेमाल करें
बाहर का जंक और फास्ट फूड कम खाएं
एक ही तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल न करें
खाने में सलाद, दाल, फल और हरी सब्जियां ज्यादा शामिल करें
नॉन-स्टिक पैन का इस्तेमाल करें ताकि कम तेल में भी खाना आसानी से बन सके
स्वाद बढ़ाने के लिए ज्यादा तेल की बजाय मसालों और हर्ब्स का इस्तेमाल करें
कितना तेल खाना सही माना जाता है?
शरीर को हेल्दी फैट की जरूरत होती है, इसलिए तेल पूरी तरह छोड़ना सही नहीं माना जाता। लेकिन जरूरत से ज्यादा तेल शरीर को फायदा कम और नुकसान ज्यादा पहुंचा सकता है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि संतुलित मात्रा में हेल्दी ऑयल का इस्तेमाल और सही खानपान लंबे समय तक शरीर को फिट और स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।
