भारत में 16 साल गुज़ारने वाली 37 वर्षीय ईरानी मूल की एक्ट्रेस मंदाना करीमी ने हाल ही में अपने जीवन के सबसे दर्दनाक फैसलों में से एक का खुलासा किया है। भारत ने उन्हें पहचान दी, करियर दिया और ऐसा माहौल दिया जहां वे खुद को सुरक्षित और आज़ाद महसूस करती थीं। लेकिन पिछले कुछ समय में बदलते हालात, सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताएँ और निजी संघर्ष इस कदर बढ़े कि उन्हें भारत छोड़ने का फैसला लेना पड़ा।

सबसे बड़ा झटका तब लगा जब वे यह सोचकर ईरान लौटीं कि शायद अपने देश में उन्हें सहारा मिलेगा लेकिन वहां उन्हें बताया गया कि उन पर एंट्री बैन है।

यानी जिस देश को उन्होंने छोड़ा, वह भी उन्हें वापस नहीं अपनाने को तैयार था।

यह कहानी सिर्फ एक एक्ट्रेस की नहीं है। यह एक ऐसी महिला की कहानी है जो दो देशों के बीच फँस गई, जिसकी पहचान, सुरक्षा और करियर सब कुछ सवालों के घेरे में आ गया।


16 साल भारत में करियर, पहचान और जीवन का नया अध्याय

मंदाना करीमी 2008 के आसपास भारत आईं और धीरे-धीरे मॉडलिंग और फिल्मों में काम शुरू किया।बॉलीवुड में भाग जॉनी, क्या कूल हैं हम 3 में नज़र आईं टीवी पर बिग बॉस 9 और इश्क़बाज़ ने उन्हें और पहचान दी

उन्होंने हमेशा कहा कि भारत ने उन्हें सेकंड होम जैसी फीलिंग दी

इंटरव्यू और सोशल मीडिया में उन्होंने कहा।भारत ने मुझे वो सब दिया जिसकी मुझे उम्मीद नहीं थी। यहां मैंने दोस्त बनाए, करियर बनाया और खुद को सुरक्षित महसूस किया।


अचानक हालात बदलने लगे सुरक्षा को लेकर डर बढ़ा


पिछले कुछ महीनों में मंदाना ने बताया कि उन्हें धमकियाँ मिल रही थीं

उन्हें लगता था कि उनकी सुरक्षा खतरे में है।इंडस्ट्री और करीबी लोगों से उन्हें सपोर्ट नहीं मिल रहा था।वे मानसिक रूप से बेहद अकेला महसूस कर रही थीं

उन्होंने कहा लोग सोचते हैं ग्लैमर लाइफ में सब आसान होता है, लेकिन असल में मैं बहुत कुछ झेल रही थी।सुरक्षा से जुड़े मामलों में कोई ठोस मदद नहीं मिलने के बाद उन्होंने फैसला किया कि उन्हें अब भारत छोड़ना पड़ेगा।


भावुक होकर भारत को अलविदा यकीन नहीं हो रहा कि जाना पड़ रहा है

एयरपोर्ट पर उन्होंने एक वीडियो शेयर किया जिसमें वे बेहद इमोशनल थीं।

उन्होंने लिखा।मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे भारत छोड़ना पड़ेगा। यह मेरे लिए बहुत मुश्किल है।16 साल बाद देश छोड़ना सिर्फ शिफ्ट करने जैसा नहीं था। यह उनके करियर, रिश्तों और पहचान से अलग होने जैसा था।


ईरान पहुंचीं तो नया झटका आप पर एंट्री बैन है

भारत छोड़ने के बाद मंदाना को लगा कि शायद ईरान में परिवार और देश उन्हें संभाल लेगा।लेकिन वहां पहुंचते ही उन्हें बताया गया किउन पर एंट्री और मूवमेंट से जुड़ी पाबंदियाँ हैं।वे देश में स्वतंत्र रूप से रह या काम नहीं सकतीं कुछ सरकारी नियमों के चलते उनका प्रवेश सीमित कर दिया गया है।उनके शब्दों में

मैंने सोचा था कि कम से कम मेरा देश मुझे अपनाएगा, लेकिन वहां भी मेरे लिए दरवाज़े बंद मिले।यह बात उनके लिए मानसिक रूप से सबसे बड़ा झटका था।


दो देशों के बीच फँसी जीवन की सबसे मुश्किल घड़ी

अब मंदाना न तो भारत आ सकती हैं, न ईरान में खुलकर रह सकती हैं।

वह कहती हैं।एक पल में ऐसा लगा जैसे मेरी पूरी पहचान ही छिन गई। मैं समझ नहीं पा रही कि मेरी जगह कहाँ है।

वह कानूनी मदद ले रही हैं।चाहती हैं कि प्रतिबंध हटे और वे अपनी जिंदगी फिर से शुरू कर पाएं भारत लौटने की इच्छा उन्होंने खुलकर जताई है।