देश भर में पेट्रोल और डीज़ल के दाम आज से 3–3 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए गए हैं। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब आम लोगों पर पहले ही महंगाई का दबाव है। तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से घरेलू रेट बढ़ाने पड़े।इस फैसले का सीधा असर रोज़मर्रा की यात्रा से लेकर जरूरी सामानों के दाम तक पड़ सकता है।
क्या बदला?
पेट्रोल 3 रुपये प्रति लीटर महंगा
डीज़ल 3 रुपये प्रति लीटर महंगा
नए रेट आज सुबह 6 बजे से लागू
तेल कंपनियाँ रोजाना अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के आधार पर कीमतें तय करती हैं। इस बार की बढ़ोतरी पूरे देश में एक साथ लागू की गई है।
लोगों की जेब पर सीधा असर
सफर महंगा होगा दोपहिया, कार, ऑटो, टैक्सी सभी की लागत बढ़ेगी। ऑफिस जाने वालों पर खास असर पड़ेगा।ज़रूरी सामानों की कीमतें बढ़ सकती हैं।डीज़ल महंगा होने पर ट्रकों का किराया बढ़ता है।इसका असर आगे इन पर पड़ सकता है सब्ज़ियाँ,दूध,दालें
पैक्ड सामान,बिज़नेस और उद्योगों पर दबाव लॉजिस्टिक, छोटे व्यापारी और फैक्ट्रियों के लिए लागत बढ़ेगी, जिससे प्रोडक्ट की कीमतें ऊपर जा सकती हैं।
तेल कंपनियाँ क्या कह रही हैं?
कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चा तेल महंगा हुआ
लागत काफी बढ़ गई थी।इसलिए घरेलू कीमतों में बढ़ोतरी करना ज़रूरी हो गया था।सरकार की तरफ से इस बढ़ोतरी पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।आर्थिक जानकारों के अनुसार
कच्चे तेल के दाम कई हफ्तों से ऊँचे बने हुए हैं।मध्य-पूर्व की स्थिति भी दाम को प्रभावित कर रही है।अगर वैश्विक बाज़ार में हालात नहीं बदले, तो आने वाले हफ्तों में और बदलाव संभव हैं।
आगे क्या?
फिलहाल नज़र इस बात पर है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं या नहीं।अगर वहां राहत मिलती है, तो घरेलू बाजार में भी कीमतें घट सकती हैं।लेकिन अभी के लिए, बढ़ी हुई कीमतें आम लोगों के बजट पर सीधा असर डालेंगी।
