erere | Source: ererनई दिल्ली। क्या कोई ऐसी गाड़ी बनाई जा सकती है, जिसे चलाने के लिए न पेट्रोल की जरूरत हो, न बैटरी की और न ही बिजली की? इस सवाल का जवाब एक यूट्यूबर ने अपने अनोखे प्रयोग से दिया है। प्रसिद्ध यूट्यूबर जेम्स ब्रूटन (James Bruton) ने एक ऐसी कार तैयार की है, जो केवल रबर बैंड में संग्रहित ऊर्जा की मदद से चलती है। इस अनोखे आविष्कार ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हालांकि इस सफलता तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था और इस दौरान उन्हें कई बार असफलता का सामना भी करना पड़ा।

रबर बैंड की ताकत से तैयार हुई अनोखी कार

जेम्स ब्रूटन ने इस परियोजना में सामान्य रबर बैंड की जगह हेवी-ड्यूटी रेसिस्टेंस बैंड का इस्तेमाल किया। इन मजबूत रबर बैंड्स में ऊर्जा संग्रहित कर उसे पहियों तक पहुंचाने की तकनीक विकसित की गई। इसी संग्रहित ऊर्जा की मदद से कार आगे बढ़ती है।

इस गाड़ी को चलाने के लिए किसी प्रकार के ईंधन, बैटरी या बाहरी बिजली की आवश्यकता नहीं होती। पूरा सिस्टम केवल रबर बैंड में संचित ऊर्जा पर आधारित है।

पहले तैयार किया मजबूत फ्रेम

कार बनाने की शुरुआत में जेम्स ने एल्यूमिनियम का मजबूत फ्रेम तैयार किया, ताकि रबर बैंड की क्षमता का परीक्षण किया जा सके। रबर बैंड को अधिक बार मोड़ने और ऐंठने के दौरान घर्षण कम करने के लिए विशेष प्रकार के बेयरिंग्स लगाए गए।

प्रारंभिक परीक्षण में यह सामने आया कि रबर बैंड टूटने से पहले कई बार ऐंठे जा सकते हैं और उनमें पर्याप्त ऊर्जा संग्रहित की जा सकती है।

पहले प्रयास में मिली असफलता

रबर बैंड की ताकत को पहियों तक पहुंचाने के लिए जेम्स ने 3D प्रिंटेड गियर्स का उपयोग किया। शुरुआती परीक्षण में कार कुछ मीटर आगे बढ़ी, लेकिन रबर बैंड पर अत्यधिक दबाव आने के कारण वह बीच से टूट गया और पूरा प्रयोग असफल हो गया।

इसके बावजूद उन्होंने प्रयोग बंद नहीं किया और डिजाइन में लगातार सुधार करते रहे।

गियर सिस्टम में बदलाव से मिली सफलता

असफलता के बाद जेम्स ने गियर रेशियो में बदलाव किया। उन्होंने इसे 2:1 से बढ़ाकर 6:1 कर दिया। इस बदलाव के बाद कार को पहले की तुलना में अधिक संतुलित और स्मूथ पावर मिलने लगी।

इस सुधार से रबर बैंड पर अत्यधिक दबाव भी कम हुआ, जिससे वे जल्दी खराब होने से बच गए और सिस्टम पहले की तुलना में अधिक प्रभावी साबित हुआ।

अधिक पावर के लिए अपनाई नई तकनीक

कार की लंबाई बढ़ाए बिना अधिक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए जेम्स ने एक नया फ्रेम तैयार किया और रबर बैंड लगाने के दो अलग-अलग तरीके अपनाए।

पहले प्रयोग में छह रबर बैंड्स को एक के बाद एक जोड़कर इस्तेमाल किया गया, लेकिन इस व्यवस्था से पर्याप्त शक्ति नहीं मिल सकी और अधिकतर ऊर्जा रबर के भीतर ही सीमित रह गई।

इसके बाद उन्होंने 18 रबर बैंड्स को तीन अलग-अलग लाइनों में लगाया। इन तीनों लाइनों की शक्ति को गियर्स के माध्यम से एक ही रॉड से जोड़ा गया। यह प्रयोग सफल रहा और कार को पर्याप्त तथा संतुलित शक्ति मिलने लगी।

12 मीटर से अधिक चली कार

अंतिम डिजाइन तैयार होने के बाद कार ने सफलतापूर्वक एक वयस्क व्यक्ति का वजन उठाया और केवल रबर बैंड की ऊर्जा के सहारे चलना शुरू किया।

सामान्य परीक्षण के दौरान कार लगभग 10 मीटर (32 फीट) तक आसानी से चली। इसके बाद अंतिम प्रयास में जब रबर बैंड को उसकी अधिकतम क्षमता तक खींचा गया, तो कार ने 12 मीटर (39 फीट) से अधिक दूरी तय कर इस अनोखे प्रयोग को सफल बना दिया।

यूट्यूब पर साझा किया पूरा प्रयोग

जेम्स ब्रूटन ने अपनी इस पूरी परियोजना का वीडियो अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर साझा किया है। वीडियो में उन्होंने कार के निर्माण से लेकर विभिन्न परीक्षणों, असफलताओं और अंतिम सफलता तक की पूरी प्रक्रिया दिखाई है।