भारत में 2024 के दौरान नाबालिगों से जुड़े अपराधों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। यह जानकारी आधिकारिक नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की ताज़ा रिपोर्ट “Crime in India 2024” में सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, नाबालिग अपराधों की संख्या में बढ़ोतरी उस समय दर्ज की गई जब कुल रजिस्टर्ड अपराधों की दर देशभर में कुछ कम हुई है।


रिपोर्ट बताती है कि 2024 में नाबालिग अपराधों के 34,878 मामले दर्ज हुए, जो 2023 की तुलना में लगभग 11% अधिक हैं। नाबालिग अपराध की दर भी 7.1 से बढ़कर 7.9 प्रति 1 लाख आबादी हो गई। इस दौरान कुल 42,633 नाबालिगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 78% की उम्र 16 से 18 वर्ष के बीच थी जो यह संकेत देता है कि बड़े किशोर गंभीर अपराधों में अधिक शामिल पाए गए।


इसी रिपोर्ट में देश की राजधानी दिल्ली को नाबालिग अपराध दर में पूरे देश में सबसे ऊपर बताया गया है। NCRB के अनुसार, दिल्ली में अकेले 2,306 मामले दर्ज हुए जो महानगरों में सबसे अधिक संख्या है। दूसरी ओर, महाराष्ट्र और बिहार जैसे बड़े राज्यों को भी हिंसक अपराधों और किशोर अपराधों की श्रेणी में शीर्ष पर रखा गया है, जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर नई चिंताएँ सामने आई हैं।


रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि बच्चों के खिलाफ अपराध 2024 में 6% बढ़कर 1,87,702 मामलों तक पहुँच गए, जिनमें अपहरण, यौन अपराध और अन्य गंभीर मामले शामिल हैं। बच्चों और किशोरों से जुड़े अपराधों में इस वृद्धि ने सामाजिक सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और शिक्षा से जुड़ी नीतियों की प्रभावशीलता पर महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं।


हालाँकि कुल दर्ज अपराधों में लगभग 6% की कमी देखी गई है, लेकिन नाबालिगों और कमजोर समूहों के खिलाफ बढ़ते अपराधों ने विशेषज्ञों को चिंतित किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, अपराध कम करने के लिए सिर्फ कानून-कायदे पर्याप्त नहीं, बल्कि सामाजिक हस्तक्षेप, सामुदायिक कार्यक्रम, विद्यालयी जागरूकता और मानसिक स्वास्थ्य सहायता को भी मजबूत करना होगा।