अरशी नाज़
मुरादाबाद: जगद्गुरू की उपाधि मिलने के बाद पहली बार मुरादाबाद पहुंचे आचार्य प्रमोद कृष् ने मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने के मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई Supreme Court of India के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है, इसलिए इसे धार्मिक विवाद का रूप देना उचित नहीं है।
मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विषय प्रशासनिक और कानूनी दायरे में आता है। यदि ध्वनि नियमों के तहत कोई निर्णय लिया जाता है, तो उसका पालन सभी को करना चाहिए। उनका कहना था कि इबादत नीयत का विषय है, इसे शोर या उपकरणों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
इस मुद्दे पर कमाल अख्तर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक मामलों पर बोलते समय संवेदनशीलता और सही जानकारी जरूरी है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी भी धर्म में दूसरों को असुविधा पहुंचाने की अनुमति नहीं दी गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल धार्मिक मुद्दों को चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। उनके अनुसार, सरकार द्वारा लिया गया कोई भी फैसला जनहित और कानून व्यवस्था के आधार पर होना चाहिए, न कि उसे धर्म से जोड़कर देखा जाए।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने यह भी कहा कि देश में सभी समुदायों को मिल-जुलकर रहना चाहिए और त्योहारों या धार्मिक अवसरों को विवाद का कारण नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने अपील की कि रमज़ान जैसे पवित्र महीने में लोग इबादत, शांति और भाईचारे पर ध्यान दें।
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