
मॉनसून सत्र से पहले कांग्रेस से अलग बैठने की मांग करते डीएमके सांसद।Source : Chrome
संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से पहले विपक्षी INDIA गठबंधन में नई राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। डीएमके ने लोकसभा अध्यक्ष से अपने सांसदों के लिए कांग्रेस से अलग बैठने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है। इस घटनाक्रम ने संसद के भीतर विपक्षी एकजुटता को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
DMK ने अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की
तमिलनाडु में कांग्रेस और टीवीके (TVK) के बीच बने नए राजनीतिक समीकरणों के बाद डीएमके ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर अपने सांसदों के लिए कांग्रेस से अलग बैठने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है। यदि यह मांग स्वीकार होती है, तो 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलने वाले मॉनसून सत्र में डीएमके सांसद कांग्रेस के साथ नहीं बैठेंगे।
विपक्षी गठबंधन पर उठने लगे सवाल
डीएमके के इस कदम के बाद विपक्षी INDIA गठबंधन की एकजुटता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। साथ ही टीएमसी में चल रहे अंदरूनी मतभेद और उद्धव ठाकरे गुट के कुछ सांसदों के अलग होने की चर्चाओं ने भी संसद के बदलते राजनीतिक समीकरणों पर ध्यान खींचा है। माना जा रहा है कि इन घटनाक्रमों का असर सदन की रणनीति पर पड़ सकता है।
मॉनसून सत्र में कई अहम विधेयकों पर होगी चर्चा
20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने वाले मॉनसून सत्र में कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। इस दौरान महिलाओं के आरक्षण और परिसीमन से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। सरकार 130वां संविधान संशोधन विधेयक भी पेश कर सकती है, जिसमें गंभीर आपराधिक मामलों में 30 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहने पर मुख्यमंत्री, मंत्री या प्रधानमंत्री का पद स्वतः समाप्त होने का प्रावधान प्रस्तावित है।
'वन नेशन, वन इलेक्शन' समेत कई बिल आ सकते हैं
सरकार इस सत्र में 'वन नेशन, वन इलेक्शन' विधेयक, एफसीआरए संशोधन विधेयक, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, एंटी-डोपिंग विधेयक, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा विधेयक, कॉरपोरेट कानून, सिक्योरिटीज मार्केट कोड और कोड ऑन वेजेज (केंद्रीय नियम) से जुड़े कई अन्य विधेयक भी संसद में पेश कर सकती है। ऐसे में यह मॉनसून सत्र राजनीतिक और विधायी दोनों दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
