erer | Source: ereनई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में चयन समिति को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। अजीत अगरकर का कार्यकाल औपचारिक रूप से 4 अक्टूबर तक बताया जा रहा है, लेकिन उससे पहले ही उन्हें भारतीय टीम की चयन समिति की गतिविधियों से अलग कर दिया गया है। उनकी जगह चयन समिति के मौजूदा सदस्य और पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा को फिलहाल अंतरिम चीफ सिलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बदलाव के बाद यह सवाल भी चर्चा में है कि क्या ओझा आगे चलकर स्थायी रूप से चयन समिति के अध्यक्ष की भूमिका संभालेंगे या किसी नए सदस्य की नियुक्ति के बाद व्यवस्था में फिर बदलाव होगा।

गुवाहाटी की बैठक में अगरकर नहीं हुए शामिल

मंगलवार 29 सितंबर को गुवाहाटी में भारतीय टीम की चयन समिति की बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रज्ञान ओझा ने की। खास बात यह रही कि अजीत अगरकर, जिनका मौजूदा कार्यकाल 4 अक्टूबर तक बताया जा रहा है, इस बैठक का हिस्सा नहीं थे। यानी उनका कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने चयन समिति की जिम्मेदारी को लेकर अंतरिम व्यवस्था लागू कर दी है।

प्रज्ञान ओझा को मिली अंतरिम जिम्मेदारी

प्रज्ञान ओझा पहले से ही चयन समिति के सदस्य हैं। अब उन्हें समिति के प्रमुख के तौर पर अंतरिम जिम्मेदारी दी गई है। इसी व्यवस्था के तहत उन्होंने 29 सितंबर की बैठक का नेतृत्व किया। 30 सितंबर को भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरे वनडे मुकाबले के दौरान भी चयन समिति के सदस्यों के मौजूद रहने की बात कही गई है। इस दौरान न्यूजीलैंड के आगामी दौरे को लेकर टीम चयन और आगे की रूपरेखा पर चर्चा महत्वपूर्ण हो सकती है।

24 टेस्ट खेलने वाले ओझा क्यों आए चर्चा में

प्रज्ञान ओझा का नाम चयन समिति के प्रमुख पद के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह मौजूदा चार चयनकर्ताओं में टेस्ट क्रिकेट खेलने के मामले में सबसे अनुभवी हैं। उन्होंने भारत के लिए 24 टेस्ट मैच खेले हैं। वहीं शिव सुंदर दास के नाम 23 टेस्ट, आरपी सिंह के नाम 14 टेस्ट और अजय रात्रा के नाम 6 टेस्ट मैच हैं। इस लिहाज से टेस्ट क्रिकेट में ओझा का अनुभव मौजूदा चयन समिति के अन्य सदस्यों से अधिक है।

स्थायी चीफ सिलेक्टर बनेंगे या नहीं, अभी स्पष्ट नहीं

फिलहाल प्रज्ञान ओझा को अंतरिम तौर पर चयन समिति के प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, आगे चलकर उन्हें स्थायी रूप से यह पद मिलेगा या नहीं, इसकी तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, ओझा का नाम पहले भी चयन समिति के चेयरमैन पद के उम्मीदवारों में सामने आया था। ऐसे में आने वाले दिनों में बीसीसीआई की ओर से होने वाली नियुक्ति इस व्यवस्था की दिशा तय कर सकती है।

नए चयनकर्ता की नियुक्ति के बाद बदल सकता है समीकरण

अजीत अगरकर के स्थान पर नए चयनकर्ता की नियुक्ति होने के बाद चयन समिति की संरचना में बदलाव संभव है। रिपोर्ट में पार्थिव पटेल का नाम भी संभावित उम्मीदवार के तौर पर सामने आने का उल्लेख है। यदि पार्थिव पटेल चयन समिति में अगरकर की जगह आते हैं, तो उनके चेयरमैन बनने की संभावना की चर्चा की जा रही है। हालांकि, यह अभी संभावित व्यवस्था है और अंतिम निर्णय के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

चयन समिति में अनुभव का समीकरण

मौजूदा चयन समिति के सदस्यों के टेस्ट अनुभव पर नजर डालें तो प्रज्ञान ओझा 24 टेस्ट मैचों के साथ सबसे आगे हैं। शिव सुंदर दास ने 23 टेस्ट, आरपी सिंह ने 14 टेस्ट और अजय रात्रा ने 6 टेस्ट खेले हैं। इसी अनुभव के कारण मौजूदा अंतरिम व्यवस्था में ओझा को समिति का नेतृत्व सौंपा गया है।

BCCI के फैसले पर टिकी नजर

क्रिकबज की रिपोर्ट के हवाले से एक सूत्र ने कहा, “आपको कभी नहीं पता कि BCCI में क्या हो जाए, लेकिन ओझा सभी के लिए एक एक्सेप्टेबल कैंडिडेट लगते हैं।” इस बयान से संकेत मिलता है कि चयन समिति के नेतृत्व को लेकर अभी अंतिम तस्वीर सामने नहीं आई है। फिलहाल ओझा अंतरिम रूप से समिति की अगुवाई कर रहे हैं और नए चयनकर्ता की नियुक्ति के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

न्यूजीलैंड दौरे की तैयारी पर भी नजर

भारतीय चयन समिति के लिए आने वाले समय में न्यूजीलैंड दौरा भी महत्वपूर्ण है। 30 सितंबर के दूसरे वनडे के दौरान चयनकर्ताओं की मौजूदगी और आगामी दौरे की रूपरेखा तैयार करने की प्रक्रिया के बीच नेतृत्व में हुआ यह बदलाव चर्चा का विषय बना हुआ है। चयन समिति के स्तर पर लिए जाने वाले फैसलों के साथ यह भी महत्वपूर्ण रहेगा कि बीसीसीआई आगे चीफ सिलेक्टर के पद को लेकर किस तरह की व्यवस्था करता है।

निष्कर्ष

अजीत अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर तक बताया जा रहा है, लेकिन उससे पहले ही चयन समिति के नेतृत्व की जिम्मेदारी प्रज्ञान ओझा को अंतरिम तौर पर दी गई है। 29 सितंबर की गुवाहाटी बैठक में ओझा ने समिति की अगुवाई भी की। अब निगाहें इस बात पर हैं कि नए चयनकर्ता की नियुक्ति के बाद बीसीसीआई चयन समिति के अध्यक्ष पद को लेकर क्या फैसला करता है।