नई दिल्ली। रक्षाबंधन के एक विज्ञापन को लेकर अभिनेत्री कृति सैनन सोशल मीडिया पर आलोचनाओं के घेरे में हैं। विज्ञापन में उनके पहनावे और कुत्ते को राखी बांधने के दृश्य पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। विवाद बढ़ने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खुलकर कृति सैनन के समर्थन में उतर आए। उन्होंने सोशल मीडिया पर अभिनेत्री के बयान को साझा करते हुए कहा कि किसी महिला के पहनावे, उसके काम और उसकी जिंदगी से जुड़े फैसले उसकी अपनी पसंद हैं और महिलाओं को अपनी स्वतंत्रता का इस्तेमाल करने के लिए ट्रोल करना बंद किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी बोले- महिलाओं के चुनाव पर ऑनलाइन निगरानी बंद हो
राहुल गांधी ने मंगलवार को इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कृति सैनन का बयान साझा किया। उन्होंने लिखा कि एक महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। राहुल गांधी ने महिलाओं को उनकी स्वतंत्रता का इस्तेमाल करने के लिए ट्रोल किए जाने पर आपत्ति जताई।
उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली से जुड़े चुनाव को ऑनलाइन पुलिसिंग के अधीन नहीं किया जाना चाहिए। राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया, जब कृति सैनन के रक्षाबंधन से जुड़े विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही थीं।
कृति सैनन ने भी आलोचकों से पूछा- कपड़ों से संस्कृति कैसे तय होगी?
विवाद के बीच कृति सैनन ने मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिए आलोचनाओं का जवाब दिया। अभिनेत्री ने सवाल उठाया कि किसी महिला के अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान को उसके कपड़ों के आधार पर क्यों आंका जाना चाहिए।
कृति ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कहा कि संस्कृति और परंपराएं उनके दिल में बसती हैं, उनके गले के डिजाइन में नहीं। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि महिलाओं को यह बताना आखिर कब बंद किया जाएगा कि उन्हें क्या पहनना चाहिए।
अभिनेत्री ने कहा कि जातीय फैशन में वर्षों के दौरान काफी बदलाव आया है, लेकिन सांस्कृतिक परंपराओं की बात आने पर महिलाओं को अब भी अक्सर उनके पहनावे के आधार पर परखा जाता है। उनका यह बयान एक आभूषण ब्रांड के रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद आया।
कृति ने बताया, विज्ञापन में रक्षाबंधन की भावना क्या थी
कृति सैनन ने अपने विज्ञापन का बचाव करते हुए कहा कि किसी त्योहार के महत्व को केवल कपड़ों के आधार पर नहीं समझा जाना चाहिए। उनके अनुसार त्योहारों से जुड़ी परंपराओं का वास्तविक महत्व उनसे जुड़ी भावनाओं और मूल्यों में होता है।
अभिनेत्री ने रक्षाबंधन की भावना को समझाते हुए कहा कि यह सुरक्षा का बंधन है। उन्होंने बताया कि वह और उनकी बहन एक-दूसरे को राखी बांधती हैं और दोनों यह मानती हैं कि वे एक-दूसरे की उसी तरह रक्षा कर सकती हैं, जैसे एक भाई करता है।
कृति ने कहा कि वे एक-दूसरे के स्वास्थ्य, खुशी और लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करती हैं। उन्होंने अपने पालतू जानवरों को भी परिवार का सदस्य बताया और कहा कि यही भावना उनके पालतू जानवरों पर भी लागू होती है।
विज्ञापन में भाई के साथ पालतू कुत्ते को भी बांधी राखी
विवादित विज्ञापन में कृति सैनन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हुई दिखाई देती हैं। इस दौरान उनका पालतू कुत्ता भी वहां मौजूद नजर आता है। विज्ञापन के आगे के दृश्य में कृति कुत्ते के पैर पर भी राखी बांधती हुई दिखाई देती हैं।
इसी दृश्य को लेकर भी सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। वहीं, कुछ यूजर्स ने अभिनेत्री के पहनावे को रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक त्योहार के अनुरूप नहीं बताया। इन प्रतिक्रियाओं के बाद विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई।
कंगना रनौत ने कृति के लुक पर जताई आपत्ति
विवाद में अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विज्ञापन में कृति सैनन के पहनावे की आलोचना की। विज्ञापन में कृति आइवरी रंग की ब्रालेट और स्कर्ट के साथ एक केप पहने हुए दिखाई देती हैं।
कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर कृति के इस लुक को ‘जानबूझकर डरावना’ बताया। इस तरह विज्ञापन को लेकर बहस केवल सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि फिल्म जगत और राजनीति से जुड़े प्रमुख चेहरों की टिप्पणियों के बाद विवाद और चर्चा में आ गया।
एक विज्ञापन ने छेड़ दी पहनावे और परंपरा पर बड़ी बहस
रक्षाबंधन के इस विज्ञापन ने सोशल मीडिया पर महिलाओं के पहनावे, संस्कृति, परंपरा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर बहस छेड़ दी है। एक तरफ कुछ लोगों ने कृति सैनन के कपड़ों और विज्ञापन की प्रस्तुति को पारंपरिक त्योहार के लिहाज से अनुचित बताया, वहीं दूसरी ओर अभिनेत्री ने कहा कि संस्कृति और परंपराओं का मूल्यांकन केवल किसी महिला के पहनावे से नहीं किया जाना चाहिए।
कुत्ते को राखी बांधने के दृश्य ने भी अलग तरह की प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर आपत्ति जताई, जबकि विज्ञापन को लेकर आलोचना का एक बड़ा हिस्सा कृति के पहनावे से जुड़ा रहा।
राहुल गांधी के बयान के बाद विवाद ने पकड़ा राजनीतिक रंग
कृति सैनन के समर्थन में राहुल गांधी के सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा में भी आ गया। राहुल गांधी ने महिलाओं को उनके पहनावे और जीवनशैली के लिए ऑनलाइन ट्रोल किए जाने का विरोध किया। उन्होंने महिलाओं के व्यक्तिगत चुनाव को उनकी स्वतंत्रता से जोड़ते हुए ऑनलाइन निगरानी जैसी प्रवृत्ति पर सवाल उठाया।
वहीं, कंगना रनौत की प्रतिक्रिया ने विवाद के दूसरे पक्ष को सामने रखा। इस तरह एक रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर शुरू हुई सोशल मीडिया बहस में महिला की व्यक्तिगत पसंद, पारंपरिक अपेक्षाओं, संस्कृति और त्योहारों की प्रस्तुति जैसे कई मुद्दे शामिल हो गए हैं।
विवाद के बीच कृति को मिला राहुल गांधी का खुला समर्थन
रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर आलोचनाओं के बीच राहुल गांधी का कृति सैनन के समर्थन में खुलकर सामने आना इस पूरे विवाद का सबसे चर्चित पहलू बन गया है। उन्होंने महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली से जुड़े फैसलों को उनकी व्यक्तिगत पसंद बताते हुए ट्रोलिंग रोकने की अपील की।
दूसरी ओर, कृति सैनन ने भी अपने बयान के जरिए यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि उनके लिए संस्कृति और परंपरा केवल पहनावे तक सीमित नहीं हैं। विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय सामने आने के बावजूद विवाद ने रक्षाबंधन के दौरान महिलाओं की पसंद और सामाजिक अपेक्षाओं पर एक नई बहस जरूर छेड़ दी है।
